Kondagaon. कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से जन्माष्टमी पर एक चमत्कारिक घटना सामने आई है। यहां मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) दिनेश डे के घर जन्माष्टमी के अवसर पर स्थापित लड्डू गोपाल की मूर्ति को दूध का भोग लगाया गया। जैसे ही दूध से भरा कटोरा मूर्ति के सामने रखा गया, वहां मौजूद लोगों ने देखा कि कटोरे में रखा दूध धीरे-धीरे कम होने लगा। यह दृश्य देखते ही सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए और माहौल में श्रद्धा का उत्साह भर गया। कुछ ही देर में यह खबर पूरे मोहल्ले में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग वहां दर्शन के लिए उमड़ पड़े। घर का माहौल “राधे-राधे, जय श्रीकृष्ण और बांके बिहारी की जय” के जयकारों से गूंज उठा। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि कटोरे में रखा दूध मूर्ति के सामने धीरे-धीरे घट रहा है।

भक्तों में आस्था का उफान
इस घटना को देखने पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि यह जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की साक्षात लीला प्रतीत होती है। कई लोग भावुक होकर इसे भगवान की कृपा और आशीर्वाद मान रहे हैं। उनका कहना है कि भगवान कभी-कभी अपने भक्तों को चमत्कारिक रूप में दर्शन देते हैं, और यह उसी का उदाहरण है।

धर्माचार्यों की प्रतिक्रिया
धर्माचार्यों ने भी इस घटना को भक्त और भगवान के बीच की गहरी आस्था और भक्ति का अद्वितीय उदाहरण बताया। उनका कहना है कि जब भक्ति चरम पर होती है तो ईश्वर अपने भक्तों की भावना का सम्मान करते हुए चमत्कार के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। हालांकि कुछ विद्वानों का यह भी कहना है कि ऐसे प्रसंगों को श्रद्धा और विश्वास के नजरिए से ही देखना चाहिए, क्योंकि धार्मिक अवसरों पर आस्था का महत्व सर्वोपरि होता है।

सोशल मीडिया पर वायरल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे बड़े चाव से शेयर कर रहे हैं और भगवान श्रीकृष्ण के इस अद्भुत स्वरूप को देखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। कई लोग इसे “जन्माष्टमी का वरदान” बता रहे हैं, तो कई लोग इसे दिव्य लीला मानकर भगवान की महिमा का गुणगान कर रहे हैं। घटना के बाद मोहल्ले में मेले जैसा माहौल बन गया। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे दर्शन के लिए पहुंचे और लड्डू गोपाल को भोग अर्पित किया। कई श्रद्धालुओं ने घर पर भी विशेष पूजा-पाठ किया और इसे शुभ संकेत मानते हुए अपने परिवार के लिए मंगलकामना की।
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