Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में आबकारी विभाग के अधिकारियों पर बीयर बार संचालकों से अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर निर्धारित शुल्क के अलावा अतिरिक्त राशि वसूली गई, जिसे “सिस्टम के नाम” पर लिया गया बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जिले में करीब 20 से 22 बीयर बार संचालित हो रहे हैं। इनमें से कुछ बार संचालकों से लाइसेंस नवीनीकरण के अतिरिक्त 2 से 2.50 लाख रुपये तक वसूली किए जाने की चर्चा है। यह राशि सरकारी खजाने में जमा न होकर अलग स्तर पर लिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर सामने आई इन चर्चाओं के बाद पूरे जिले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि गांव-गांव में अवैध शराब और कोचियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विभाग अपेक्षाकृत कमजोर नजर आता है, जबकि बार संचालकों से वसूली को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यह भी चर्चा है कि इस तरह की वसूली केवल बिलासपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। रायपुर और दुर्ग में भी पहले इस तरह के मामले सामने आने की बातें कही जा रही हैं, जिनमें बाद में कुछ राशि लौटाने की भी चर्चा है।
बताया जा रहा है कि मामले की शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर और प्रभारी मंत्री तक इस मुद्दे को ले जाने की चर्चा है। इस बीच बार संचालक भी इस कथित वसूली को लेकर एकजुट होने लगे हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर आबकारी विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। संबंधित अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आया। वहीं, नियमों के अनुसार बार संचालकों ने सरकारी शुल्क जमा कर लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन अतिरिक्त राशि किस खाते या व्यवस्था में ली गई, इस पर अब सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में आबकारी व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर लोग इसे संभावित बड़े घोटाले की आशंका के रूप में भी देख रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या कोई जांच टीम गठित की जाती है या नहीं। फिलहाल पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं और विभागीय कार्यप्रणाली पर निगरानी की मांग उठ रही है।