कृषिमंत्री रामविचार नेताम ने गृह ग्राम सनावल में सुनीं लोगों की समस्याएं
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषिमंत्री रामविचार नेताम ने रविवार को अपने गृह ग्राम सनावल स्थित विश्राम गृह में क्षेत्रवासियों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री नेताम ने कहा कि “जनसेवा का असली अर्थ है लोगों के बीच रहना, उनकी समस्याएँ सुनना और समाधान के लिए तत्पर रहना।” उन्होंने साफ किया कि जनता का स्नेह, विश्वास और अपनापन ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है, जो उन्हें सतत् सेवा और क्षेत्र के विकास की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय स्तर की कई समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। कृषिमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्याओं का निवारण प्राथमिकता से किया जाए और किसी भी शिकायत में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर गांव और हर व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। चाहे किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराना हो, युवाओं को रोजगार से जोड़ना हो या फिर ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना हो – इन सभी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कृषिमंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं को गति दी जा रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि हर किसान और हर ग्रामीण को योजनाओं का लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने मंत्री की पहल का स्वागत किया और उनके निरंतर जनसंपर्क को जनता के लिए प्रेरणादायक बताया। क्षेत्रवासियों ने भरोसा जताया कि उनकी समस्याओं के समाधान से गांवों का विकास तेजी से होगा और जनता का जीवन स्तर सुधरेगा। कार्यक्रम का समापन मंत्री नेताम द्वारा क्षेत्र की खुशहाली और प्रगति की कामना के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि जनता का साथ और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है और इसी विश्वास के साथ वे छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे हैं।