धान का सही दाम मिलने पर बालोद के किसान ने बंजर जमीन को भी बनाया उपजाऊ
छग
Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियां अब धरातल पर अपना रंग दिखा रही हैं। राज्य शासन की ’कृषक उन्नति योजना’ किसानों के जीवन में न केवल आर्थिक समृद्धि ला रही है, बल्कि उन्हें कृषि के प्रति नए उत्साह से भर रही है। इसका एक जीवंत और प्रेरक उदाहरण बालोद जिले के ग्राम रेंगाडबरी में देखने को मिला है, जहाँ एक किसान ने धान की अच्छी कीमत मिलने से उत्साहित होकर अपनी बंजर भूमि को भी कड़ी मेहनत से कृषि योग्य जमीन में तब्दील कर दिया है। बालोद जिले के ग्राम रेंगाडबरी के निवासी और प्रगतिशील किसान थान सिंह साहू मुख्य रूप से अपनी 05 एकड़ कृषि भूमि पर खेती-किसानी का कार्य करते आ रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा जब ’कृषक उन्नति योजना’ लागू की गई और धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल के ऐतिहासिक समर्थन मूल्य पर करने का निर्णय लिया गया। तो इसने थान सिंह जैसे हजारों किसानों की उम्मीदों को पंख लगा दिए।
योजना के तहत मिले इस मुनाफे और बढ़े हुए दाम ने थान सिंह की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान की। खेती में लाभ देखकर उनका कृषि के प्रति रुझान और अधिक बढ़ गया। धान के बढ़े हुए रेट से प्रेरित होकर थान सिंह ने एक बड़ा कदम उठाया। उनके पास कुछ ऐसी भूमि भी थी जो लंबे समय से बंजर और अनुपयोगी पड़ी थी। खेती में अब नुकसान की बजाय सुनिश्चित लाभ देखकर, उन्होंने उस बंजर जमीन को सुधारने का बीड़ा उठाया। अपनी कड़ी मेहनत, योजनाबद्ध तरीके और शासन से मिले आर्थिक संबल के दम पर उन्होंने उस बंजर धरती को भी समतल और उपजाऊ बनाकर कृषि योग्य भूमि में बदल दिया है। अब वे उस भूमि पर भी लहलहाती फसल उगाने की तैयारी कर रहे हैं। अपनी इस सफलता और जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का श्रेय थान सिंह साहू राज्य सरकार की नीतियों को देते हैं। उन्होंने शासन की इस किसान हितैषी योजना के सफल संचालन के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है। साहू का कहना है कि, ’पहले खेती में लागत निकालना मुश्किल होता था, लेकिन अब 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बिकने के कारण किसानों की मेहनत का सही मोल मिल रहा है। सरकार के इस फैसले ने हम किसानों का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है और हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।