Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना अनुमति व्यावसायिक निर्माण करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने दूसरे मोर्चे पर भी कड़ा और बड़ा प्रहार किया है। गौरेला-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर जिला अस्पताल के ठीक पीछे और नवनिर्मित कलेक्टर सह पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ठीक सामने स्थित मूल्यवान सरकारी जमीन पर भू-माफिया द्वारा बिना किसी राजस्व अनुमति के अवैध रूप से व्यावसायिक परिसर (कॉम्प्लेक्स) बनाने की कोशिश की जा रही थी। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया और जेसीबी (JCB) की मदद से पूरे अवैध निर्माण को नींव के स्तर से ध्वस्त कर दिया गया।
प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी जमीन ग्राम पंचायत सेमरा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसे स्थानीय स्तर पर 'ऑक्सीजन जोन' के नाम से जाना और पहचाना जाता है। इस अति-संवेदनशील और मूल्यवान शासकीय भूमि पर कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों एवं भू-माफियाओं द्वारा देर रात के अंधेरे में चुपके से मजदूर लगाकर अवैध निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। माफियाओं द्वारा लगभग 1000 वर्ग फीट से भी अधिक बड़े रकबे में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स खड़ा करने के उद्देश्य से पक्की नींव (फाउंडेशन) ढालने तक का काम पूरा कर लिया गया था। जैसे ही इस अवैध निर्माण की खबर जिला प्रशासन को हुई, हड़कंप मच गया और तुरंत एक्शन प्लान तैयार किया गया।
कलेक्टर के कड़े रुख के बाद राजस्व और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम अचानक मौके पर पहुंची। इस बड़ी बेदखली कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम (SDM) विक्रांत अंचल, तहसीलदार प्रीति शर्मा, गौरेला थाना प्रभारी तथा भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैदी से मौजूद रहा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचते ही निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाया और भारी-भरकम जेसीबी मशीनों को बुलवाकर अवैध रूप से ढाली गई नींव और पक्के निर्माण को पूरी तरह तोड़कर समतल कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध कब्जे को शुरुआती स्तर पर ही पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए एसडीएम विक्रांत अंचल ने बताया कि संबंधित शासकीय भूमि पूर्व से ही पर्यावरण संरक्षण के लिए 'ऑक्सीजन जोन' के रूप में चिन्हांकित एवं संरक्षित है। कुछ भू-माफियाओं द्वारा बिना राजस्व विभाग से जमीन का विधिवत सीमांकन कराए और बिना कोई वैध प्रशासनिक अनुमति लिए रात के अंधेरे में व्यावसायिक परिसर का निर्माण शुरू करा दिया गया था। उन्होंने बताया कि मौके पर ग्राम पंचायत सेमरा के सरपंच की उपस्थिति में सर्वसहमति से पंचनामा तैयार कर बेदखली एवं ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
उल्लेखनीय है कि यह पूरी शासकीय जमीन कई प्रकार के फलदार, छायादार और घने वृक्षों से आच्छादित है। स्थानीय पर्यावरण, पर्यावरण संतुलन तथा आम जनता के स्वास्थ्य व शुद्ध हवा के लिहाज से इस क्षेत्र का विशेष महत्व है, इसी कारण जिला प्रशासन ने इसे पूर्व में 'ऑक्सीजन जोन' के रूप में अधिसूचित किया है। प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों और संस्थाओं को भी कड़ा संदेश दिया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि शासकीय या पंचायत क्षेत्र की किसी भी जमीन पर कोई भी निर्माण कार्य शुरू करने से पहले राजस्व विभाग से विधिवत सीमांकन कराना और नियमानुसार सक्षम अधिकारी से स्वीकृति लेना अनिवार्य है। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि किसी ने दोबारा इस ऑक्सीजन जोन या अन्य किसी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण या अवैध निर्माण की कोशिश की, तो संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।