Raigarh. रायगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली राशि प्राप्त करने के बावजूद मकान निर्माण कार्य रोकने वाले हितग्राहियों पर रायगढ़ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे लाभार्थियों को तत्काल निर्माण कार्य प्रारंभ करने और निर्धारित समय में मकान पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। अधिकारिक निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त तहसीलदार वर्षा तिवारी और निगम प्रशासन के कार्यपालन अभियंता अमरेश सिंह की टीम ने केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड के पीछे स्थित शिवाजी नगर तथा मि_ूमुड़ा दुर्गा चौक क्षेत्र का दौरा किया। निरीक्षण में पाया गया कि कई लाभार्थियों ने योजना की राशि प्राप्त कर लेने के बावजूद मकान निर्माण कार्य शुरू नहीं किया या अधूरा छोड़ दिया है।
अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित हितग्राहियों को चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि योजना की राशि का उपयोग केवल मकान निर्माण के लिए होना चाहिए। यदि लाभार्थी निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त तहसीलदार वर्षा तिवारी ने बताया कि इससे पूर्व भी हितग्राहियों को कई बार नोटिस जारी कर उनके निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया जा चुका है। इसके बावजूद कुछ हितग्राहियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब सभी अधूरे मकानों के मामले में सख्त निगरानी और कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निगम की टीम और इंजीनियर भी उपस्थित रहे, जिन्होंने मकान निर्माण की प्रगति का स्थान पर आंकलन किया।
अधिकारियों ने मकान निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया, ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो। प्रशासन का यह कदम न केवल हितग्राहियों को सतर्क करने के लिए है, बल्कि योजना के उद्देश्य को पूरा करने और जिले में सभी पात्र परिवारों को सुरक्षित और पक्का आवास प्रदान करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। अधिकारीयों ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों की निरंतर सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी और अधूरे मकानों के लिए समयसीमा तय कर फॉलो-अप अभियान चलाए जाएंगे। रायगढ़ प्रशासन का मानना है कि योजना की राशि प्राप्त कर मकान निर्माण न करने वाले लाभार्थियों पर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के माध्यम से कठोर संदेश दिया जाएगा। यह पहल स्थानीय नागरिकों के लिए भी चेतावनी स्वरूप है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बाद उनकी जिम्मेदारी पूरी करना अनिवार्य है। इस अभियान से यह संदेश जाता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि एक सामाजिक और जनकल्याणकारी दायित्व भी है, जिसे लाभार्थियों को गंभीरता से लेना होगा।