रेत माफियाओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, पहली बार पनडुब्बी मशीन जब्त
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में रेत माफियाओं पर लगाम कसने के लिए प्रशासन और खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को ग्राम पारागांव (नवापारा क्षेत्र) में प्रशासन और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने अवैध रेत उत्खनन करते हुए माफियाओं की करोड़ों की मशीनरी जब्त की है। मिली जानकारी के अनुसार, एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश के तहत हर वर्ष 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों और नालों से रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध है।
इसका उद्देश्य बरसात के मौसम में पर्यावरण संरक्षण और नदी-नालों के प्राकृतिक बहाव को बनाए रखना है। इसके बावजूद रेत माफिया इस प्रतिबंध को ठेंगा दिखाकर अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। शनिवार देर रात प्रशासन को सूचना मिली कि ग्राम पारागांव में नदी के बीच से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। इसके बाद अभनपुर एसडीएम रवि सिंह के निर्देश पर नवापारा तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर, खनिज विभाग की डिप्टी डायरेक्टर प्राची अवस्थी, खनिज अधिकारी हेमंत चेरपा, सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव और निरीक्षक जागृत गायकवाड की अगुवाई में टीम मौके पर पहुंची।
नदी के बीच से चल रहा था खेल
टीम ने जब छापेमारी की तो पता चला कि रेत माफिया नदी के बीच से रेत निकालने के लिए पनडुब्बी मशीन और बोट का इस्तेमाल कर रहे थे। मशीन से निकाली गई रेत को पाइपलाइन के जरिए किनारे तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद रेत को चेन माउंटेन मशीन से डंप कर बड़े हाइवा वाहनों से बाहर भेजा जाता था। रात के अंधेरे में यह पूरा खेल बेखौफ होकर चल रहा था। जब टीम ने छापेमारी की तो माफिया मौके से फरार हो गए। हालांकि, टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद नदी के दूसरे घाट पर छिपाई गई पनडुब्बी मशीन बरामद कर थाने भेज दी। इसी तरह चेन माउंटेन को भी तस्करों ने छिपाने का प्रयास किया था, लेकिन खनिज विभाग की टीम ने उसे भी ढूंढ निकाला।
20 हाइवा रेत जब्त
कार्रवाई के दौरान मौके से 20 हाइवा रेत भी जब्त की गई। अधिकारियों ने बताया कि जब्त रेत की बाजार कीमत लाखों रुपए में है। इस अवैध कारोबार से न केवल सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी गहरी चोट पहुंच रही है। टीम में डिप्टी डायरेक्टर प्राची अवस्थी के अलावा सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव, निरीक्षक जागृत गायकवाड, हेलेंद्र स्वर्णपाल, सुपरवाइजर डी.के. साहू और वाहन चालक दिनेश तिवारी सहित 5 पुलिसकर्मी शामिल थे।
लंबे समय से चल रहा था कारोबार
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके में रेत तस्कर लंबे समय से सक्रिय हैं। दिन के उजाले में मशीनें और गाड़ियां अलग-अलग जगह छुपा दी जाती थीं ताकि किसी को शक न हो। लेकिन रात होते ही ये माफिया पूरे नेटवर्क के साथ नदी से रेत निकालते थे और बाहर भेजते थे। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि तस्कर इतने बेखौफ थे कि कई बार उन्होंने विरोध करने वाले स्थानीय लोगों को धमकी भी दी। खनिज विभाग ने जब्त की गई मशीनरी और रेत को थाने के सुपुर्द किया है। साथ ही अवैध कारोबार में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ खनिज अधिनियम और एनजीटी के नियमों के उल्लंघन के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि रेत माफियाओं को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
अधिकारियों का बयान
डिप्टी डायरेक्टर प्राची अवस्थी ने बताया, “बरसात के मौसम में नदी-नालों से रेत उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद अवैध रूप से उत्खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जब्त की गई मशीनरी और रेत से यह साफ है कि यहां बड़े पैमाने पर नेटवर्क सक्रिय था। आगे भी छापेमारी जारी रहेगी।” इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि प्रशासन रेत माफियाओं पर सख्त रवैया अपनाए हुए है।