Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही जिला प्रशासन ने लू और तापघात (हीट स्ट्रोक) से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर जिले में विशेष कार्ययोजना लागू कर दी गई है। प्रशासन ने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों और संवेदनशील आबादी की पहचान कर सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी है। कलेक्टर ने सभी विभागों, संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों से समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लू से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
मौसम विभाग की रंग संकेत प्रणाली (कलर कोड) के अनुसार प्रशासन ने अलर्ट व्यवस्था लागू की है। सामान्य से 6 डिग्री अधिक तापमान पर रेड अलर्ट, 4 से 5 डिग्री अधिक पर ऑरेंज अलर्ट और सामान्य से थोड़ा अधिक तापमान पर येलो अलर्ट मानकर तुरंत बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे। नगर निकायों और पंचायतों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजारों और अस्पतालों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर शीतल पेयजल केंद्र (प्याऊ और वाटर कूलर) स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खुले में काम करने वाले श्रमिकों के लिए छाया, पानी और प्राथमिक उपचार सुविधाओं से युक्त अस्थायी विश्राम स्थल बनाए जा रहे हैं।
गर्मी के चरम समय यानी दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक सफाई और कचरा संग्रहण कार्यों में लगे कर्मचारियों के समय में बदलाव किया गया है। इसके अलावा प्रमुख सड़कों और बाजारों में फायर ब्रिगेड व जल वाहनों के माध्यम से पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है। जन जागरूकता के लिए डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, लाउडस्पीकर और सोशल मीडिया का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लोगों को लू से बचाव के उपायों की जानकारी लगातार मिलती रहे।
स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। जिला अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाएं, ओआरएस, ग्लूकोज और कूलिंग उपचार की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला अस्पताल में विशेष “हीट स्ट्रोक इमरजेंसी यूनिट” भी स्थापित की गई है। आपातकालीन सेवाओं के तहत 108 और 102 एम्बुलेंस को बर्फ, कोल्ड पैक और हाइड्रेशन सामग्री से सुसज्जित किया गया है। गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगियों, मधुमेह रोगियों और बच्चों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण स्थलों और ईंट भट्टों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट भी तैनात की जा रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा श्रम विभाग को आंगनबाड़ियों और कार्यस्थलों पर ओआरएस और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही दोपहर के समय भारी श्रम वाले कार्यों को रोकने या सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं। पशुधन की सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। पशुओं को ठंडा पानी उपलब्ध कराने, दोपहर में चराने से रोकने और चारे में इलेक्ट्रोलाइट्स शामिल करने की सलाह दी गई है।
अग्निशमन विभाग को अस्पतालों, स्कूलों, पेट्रोल पंपों और गैस गोदामों में फायर सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के साथ मिलकर जंगलों में आग की घटनाओं पर भी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन सभी उपायों का उद्देश्य जिले में गर्मी के प्रभाव को कम करना और जनजीवन को सुरक्षित रखना है। विभिन्न विभागों की संयुक्त कार्रवाई से उम्मीद है कि जशपुर जिले में लू से होने वाले जोखिम को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।