Sarguja. सरगुजा। सरगुजा जिले में सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। मामले के सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया और अभिभावकों के बीच नाराजगी देखने को मिली। इस घटना को लेकर शिक्षा विभाग ने संबंधित संविदा शिक्षक को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, यह मामला स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय बतौली से जुड़ा है, जहां संविदा शिक्षक सुरेश कुमार जायसवाल पदस्थ थे। शिकायतकर्ता अमित गुप्ता, जो भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हैं, ने 21 अप्रैल 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 20 अप्रैल की मध्य रात्रि को शिक्षक एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए थे।
इसी घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मामला सार्वजनिक रूप से चर्चा में आ गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश देखा गया। अभिभावकों और आम नागरिकों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं अत्यंत गंभीर हैं और इससे छात्रों की सुरक्षा और माहौल पर सवाल खड़े होते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दिनेश ओझा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। प्रारंभिक शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर उन्होंने शिक्षक सुरेश कुमार जायसवाल को तुरंत प्रभाव से कार्यमुक्त करने के आदेश जारी किए। साथ ही विभागीय जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो नियमानुसार आगे की कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूलों में अनुशासन और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं, इसलिए प्रशासन को ऐसे मामलों में पारदर्शिता और तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, कुछ अभिभावकों ने यह भी मांग की है कि विद्यालयों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और संबंधित शिक्षक को सेवा से हटाकर विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या आपत्तिजनक आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा। यह घटना जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही को लेकर बहस भी तेज हो गई है। प्रशासन अब इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर आगे की रिपोर्ट तैयार कर रहा है।