Mahasamund. महासमुंद। कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को महासमुंद जिले के बिरकोनी स्थित कीटनाशी विनिर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेनिथ एग्रीजोन प्रा.लि. और ओजस एग्रो केमिकल में कई अनियमितताएं और व्यवस्थागत कमियां सामने आईं। विभाग ने दोनों संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए संबंधित उत्पादों की बिक्री पर 20 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई संचालक कृषि रायपुर और कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार राज्य एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा की गई। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप के मार्गदर्शन में टीम ने बिरकोनी क्षेत्र में संचालित कीटनाशी एवं कृषि उत्पाद निर्माण इकाइयों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान जेनिथ एग्रीजोन प्रा.लि. बिरकोनी में स्टॉक संधारण में गंभीर विसंगतियां पाई गईं। जांच टीम ने पाया कि संस्था द्वारा स्टॉक रिकॉर्ड में सही तरीके से जानकारी दर्ज नहीं की गई थी। इसके अलावा क्वालिटी कंट्रोल लेबोरेटरी भी अक्रियाशील मिली। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उत्पादों की खरीदी तिथि, अवसान तिथि और निर्मित उत्पादों की अलग-अलग पहचान एवं व्यवस्थित भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि संस्था के लाइसेंस और अभिलेखों में दर्ज उत्पादों से अलग जैव उत्प्रेरक का उत्पादन किया जा रहा था। इसके साथ ही एनपीके 19:19:19, एमएपी 12:61:00 और पोटेशियम नाइट्रेट 13:00:45 जैसे उर्वरक उत्पादों के भंडारण तथा बैचवार खरीदी और गुणवत्ता प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं कराए गए।
निरीक्षण दल ने गुणवत्ता परीक्षण के लिए जेनिथ एग्रीजोन से छह विनिर्मित कीटनाशी उत्पादों और तीन उर्वरक उत्पादों के नमूने लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जाएगा। विभाग ने संस्था को सामने आई अनियमितताओं पर एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित उत्पादों के विक्रय पर 20 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है। इसके बाद निरीक्षण दल ने ओजस एग्रो केमिकल बिरकोनी की भी जांच की। यहां भी कई कमियां सामने आईं। संस्था द्वारा खरीदी रजिस्टर, गुणवत्ता प्रमाण-पत्र, नवीन निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता संबंधी दस्तावेज और विक्रय एवं भंडारण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
स्टॉक पंजी की जांच में ओपनिंग और क्लोजिंग स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा संस्था के पास जैव उर्वरक निर्माण के लिए आवश्यक लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं था। विभागीय टीम ने गुणवत्ता परीक्षण के लिए तीन विनिर्मित कीटनाशी उत्पादों के नमूने लिए हैं। ओजस एग्रो केमिकल को भी अनियमितताओं के संबंध में एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। साथ ही संबंधित उत्पादों की बिक्री पर 20 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस तरह की जांच कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाली कृषि उत्पाद निर्माण इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण अभियान में राज्य स्तरीय दल से डॉ. सुमित सोरी, सहायक संचालक कृषि, रितेश मोटघरे, सहायक संचालक कृषि तथा जिला स्तरीय दल से डॉ. परमजीत सिंह कंवर, सहायक संचालक कृषि, उमेश चन्द्राकर, कृषि विकास अधिकारी, ओमप्रकाश चन्द्राकर, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, भांकरदास मानिकपुरी और अवध चन्द्राकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।