सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती का अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी, आरोपी गिरफ्तार
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Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती कर युवती का अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने का गंभीर मामला अकलतरा थाना क्षेत्र में सामने आया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी आयुष मौर्य उर्फ शिवम को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी महाराष्ट्र के ओरिल दिहवा गांव का निवासी है। वह सोशल मीडिया के जरिए युवती से दोस्ती करता था और वीडियो कॉल के दौरान बातचीत करता था। इसी दौरान उसने युवती का अश्लील वीडियो बनाकर उसे रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद आरोपी ने वीडियो का प्रयोग करके पीड़िता और उसके परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश की।
अपराध की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 509(ख) IPC और धारा 12 POCSO Act के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने साइबर और स्थानीय जांच के माध्यम से आरोपी की लोकेशन महाराष्ट्र का पता लगाया और वहां से उसे गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी वीडियो और फोटो को वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। ऐसे साइबर अपराध युवाओं और विशेष रूप से किशोरियों के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा और मानसिक शांति मिली है।
स्थानीय थाना प्रभारी ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से उत्पीड़न और अश्लील सामग्री वायरल करने के मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराना और साइबर सेल की मदद लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन बातचीत और वीडियो कॉल में सतर्क रहें और किसी भी तरह की अश्लील या धमकीपूर्ण गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर आरोपी के अन्य साथी या सहयोगियों की पहचान भी कर रही है। साथ ही पीड़िता की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं। अधिकारीयों ने कहा कि साइबर क्राइम और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यह घटना सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर युवाओं की सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है। पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार चेतावनी जारी की जा रही है कि ऑनलाइन दोस्ती और वीडियो कॉल में सावधानी बरती जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत संबंधित अधिकारियों को करें। अधिकारी ने यह भी कहा कि ऐसे अपराध न केवल मानसिक उत्पीड़न का कारण बनते हैं बल्कि पीड़िता के व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन पर भी गंभीर असर डालते हैं। इसलिए कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता और शिक्षा भी बेहद जरूरी है।