Durg. दुर्ग। रेलवे से जुड़े पुराने मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आरपीएफ दुर्ग द्वारा चलाया जा रहा वारंट तामील अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 साल पुराने मामले के आरोपी को सऊदी अरब से भारत बुलाकर गिरफ्तार किया है। आरोपी करीब 16 वर्षों से सऊदी अरब में रह रहा था और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान भिलाई के वीर नारायण नगर निवासी समीम खान के रूप में हुई है। उसका स्थायी पता निजामपुर, जिला सिवान, बिहार बताया गया था। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2007 में विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर में रेलवे संपत्ति अवैध कब्जा अधिनियम की धारा 3(अ) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
मामले में न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ वर्ष 2012 में स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद से आरपीएफ लगातार उसकी तलाश कर रही थी। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शुरू किए गए वारंट तामील अभियान के दौरान आरपीएफ दुर्ग की टीम ने मामले को दोबारा खंगाला और आरोपी तक पहुंचने की कार्रवाई शुरू की। आरपीएफ टीम आरोपी के स्थायी पते निजामपुर, बिहार पहुंची। टीम में सहायक उप निरीक्षक निरंजन, प्रधान आरक्षक बी. राजोरिया और आरक्षक एसआर मीना शामिल थे। टीम ने आरोपी के परिवार से पूछताछ की तो जानकारी मिली कि समीम खान वर्ष 2010 से सऊदी अरब में रहकर काम कर रहा है।
इसके बाद आरपीएफ ने आरोपी के परिवार के माध्यम से उससे संपर्क स्थापित किया। अधिकारियों ने आरोपी को भारत लौटकर कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने और न्यायालय के समक्ष सरेंडर करने के लिए समझाया। आरपीएफ के प्रयासों के बाद आरोपी सऊदी अरब से भारत वापस आया और आरपीएफ पोस्ट दुर्ग पहुंचकर आत्मसमर्पण किया। आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने वारंट में दर्ज नाम और पता अपना ही होना स्वीकार किया। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर के समक्ष पेश किया गया।
11 साल पुराने चोरी मामले में भी कार्रवाई
आरपीएफ दुर्ग की टीम ने एक अन्य पुराने मामले में भी सफलता हासिल की है। 20 अगस्त को रेलवे संपत्ति चोरी से जुड़े करीब 11 साल पुराने मामले में फरार आरोपी को ओडिशा के केंदुझर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि रेलवे संपत्ति से जुड़े मामलों में फरार आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही है और पुराने मामलों को भी प्राथमिकता के साथ निपटाने का प्रयास किया जा रहा है।
एक साल में 30 फरार आरोपी गिरफ्तार
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, वारंट तामील अभियान के तहत पिछले एक साल में करीब 30 फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। अभियान का उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों में फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाना है। आरपीएफ दुर्ग का कहना है कि रेलवे अपराधों से जुड़े मामलों में किसी भी आरोपी को लंबे समय तक कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। पुराने मामलों की समीक्षा कर फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि वारंट तामील अभियान आगे भी जारी रहेगा। रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए आरपीएफ की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
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