Surguja. सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रजपुरीकला में शराब पीने के दौरान गाली-गलौज को लेकर हुए विवाद में 40 वर्षीय अंगद चौधरी की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात को मृतक के पड़ोस में रहने वाले दो चचेरे भाइयों ने अंजाम दिया। आरोप है कि दोनों ने पहले युवक के साथ मारपीट की और इसके बाद छेनी से उसके सिर और गले पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से युवक की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, 3 नवंबर की सुबह ग्राम रजपुरीकला में अंगद चौधरी का शव उसके घर के बाहर आंगन में पड़ा मिला था। मृतक के सिर और गले पर गंभीर चोट के निशान थे। घर के अंदर भी खून फैला हुआ था और संघर्ष के निशान दिखाई दे रहे थे। घटनास्थल की स्थिति देखकर शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई जा रही थी। घटना की सूचना मिलते ही लखनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। साथ ही मृतक की गतिविधियों और घटना से पहले उसके संपर्क में आए लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई गई।
बताया गया है कि अंगद चौधरी की पत्नी कुछ महीने पहले अपने मायके चली गई थी। इसके बाद से वह घर में अकेला रह रहा था। गांव में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर युवक की मौत से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया। पुलिस को जांच के दौरान जानकारी मिली कि 2 नवंबर की रात अंगद चौधरी को पड़ोसी धर्मेंद्र चौधरी के घर जाते देखा गया था। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने धर्मेंद्र चौधरी और उसके चचेरे भाई मुकेश चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने हत्या के पीछे की वजह और घटनाक्रम का खुलासा किया। लखनपुर थाना प्रभारी संपत पोटाई ने बताया कि 2 नवंबर की शाम अंगद चौधरी पड़ोसी धर्मेंद्र चौधरी के घर शराब पीने गया था। इसी दौरान धर्मेंद्र का चचेरा भाई मुकेश चौधरी भी वहां पहुंच गया। तीनों एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। पुलिस के अनुसार, शराब पीने के दौरान अंगद ने धर्मेंद्र की बुआ श्याम बाई को गालियां देना शुरू कर दिया। इस बात को लेकर विवाद हो गया। धर्मेंद्र और मुकेश ने अंगद को गाली-गलौज करने से मना किया। इसके बाद दोनों भाई वहां से चले गए।
आरोप है कि अंगद अपने घर पहुंचने के बाद भी बुआ को लेकर अपशब्द कहता रहा। इससे नाराज होकर धर्मेंद्र और मुकेश उसके घर पहुंचे। वहां दोनों ने अंगद के साथ मारपीट शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने कथित तौर पर छेनी से उसके सिर और गले पर हमला कर दिया। हमले में अंगद गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, घायल अवस्था में वह घर से बाहर निकलकर आंगन तक पहुंचा, जहां गिर पड़ा। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
अगली सुबह जब उसका शव आंगन में मिला तो घटना की जानकारी सामने आई। घर के भीतर खून और संघर्ष के निशान मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई। आसपास के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर दोनों संदिग्धों तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस ने धर्मेंद्र चौधरी और मुकेश चौधरी को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच और पूछताछ में हत्या की वजह शराब पीने के दौरान हुआ विवाद सामने आया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।