Mahasamund. महासमुंद। महासमुंद के वार्ड क्रमांक 11 में होली के दिन पुरानी रंजिश के कारण गाली गलौच और मारपीट की घटना सामने आई। पीड़ित महेश्वजर साहू ने बताया कि 04 मार्च 2026 को दोपहर लगभग 03:30 बजे वे अपने घर में होली की मस्ती के बाद आराम कर रहे थे, तभी उनके पड़ोसी ललित साहू और दिनेश गढरिया उनके घर के सामने आए। ललित और दिनेश ने पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए गाली गलौच शुरू कर दी। इसे रोकने के लिए महेश्वजर का छोटा भाई संतोष साहू बीच में आया, लेकिन उसे मना करने पर “कौन मना करने वाला है” कहकर जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद संतोष को खींचकर सड़क पर ले जाकर ललित और दिनेश ने हाथ-पांव और लकड़ी के डंडे से मारपीट की।
घटना के दौरान ललित साहू का बेटा यशु साहू और आदित्य साहू भी वहां आए और उन्होंने भी संतोष साहू पर हमला किया। यशु साहू ने अपने पास रखे धारदार वस्तु से संतोष के पीठ पर वार किया, जिससे खून निकलने लगा। पीड़ित परिवार के अन्य सदस्य महेश्वजर साहू, रामकुमारी साहू और हरिवंत साहू बीच-बचाव के लिए आए, लेकिन ललित साहू ने महेश्वजर साहू के सिर में लकड़ी के डंडे से वार कर दिया, जिससे खून बहने लगा। इस मारपीट में रामकुमारी साहू की बांई हथेली और हरिवंत साहू के बांए हाथ और पीठ में भी चोटें आई। घटना की पूरी स्थिति महेश्वजर की पत्नी सरिता साहू ने देखी और सुनी।
इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध धारा 115(2)-BNS, 118(1)-BNS, 296-BNS, 3(5)-BNS, 351(2)-BNS पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि होली के दिन होने वाली मारपीट और झगड़ों पर विशेष निगरानी रखी जाती है। इस मामले में भी संबंधित वार्ड में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद या पुराने झगड़े को लेकर हिंसा न करें और विवाद की स्थिति में तुरंत थाने या पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। यह घटना यह भी स्पष्ट करती है कि सामाजिक विवाद और पुरानी रंजिशें तेजी से हिंसक रूप ले सकती हैं, इसलिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है।