40 लाख बीमा के लिए युवक ने रची अपनी मौत की साजिश, दिल्ली से युवक गिरफ्तार

छग

Update: 2025-08-24 16:16 GMT
Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने जीवन बीमा की रकम हासिल करने के लिए अपनी ही मौत की साजिश रच डाली। युवक ने नदी किनारे अपने कपड़े, मोबाइल और बाइक छोड़ दिए ताकि परिवार और पुलिस यह मान ले कि वह नदी में डूब गया है। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और साइबर सेल की जांच ने उसकी पूरी योजना का भंडाफोड़ कर दिया और युवक को बिलासपुर से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
घटना का सिलसिला
मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है। युवक का नाम कौशल श्रीवास (21) है, जो पामगढ़ के तैनाद गांव का निवासी है। जानकारी के मुताबिक, 19 अगस्त की शाम लगभग 7 बजे कौशल घर से यह कहकर निकला कि वह घूमने जा रहा है। वह अपनी मां का मोबाइल फोन लेकर निकला था और अपनी बाइक से शिवनाथ नदी की ओर चला गया।
करीब 9 बजे उसके बड़े भाई जागेश्वर श्रीवास को सूचना मिली कि शिवनाथ नदी के पैसर घाट पर उसकी बाइक और मोबाइल फोन पड़े हैं। परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और देखा कि वहां कौशल की मोटरसाइकिल, जूते और मोबाइल तो मिले लेकिन युवक का कोई अता-पता नहीं था। इसी आधार पर परिजनों ने यह मान लिया कि वह नदी में डूब गया है।
गुमशुदगी दर्ज, चार दिन चला सर्च ऑपरेशन
कौशल के पिता तिलक राम श्रीवास ने तत्काल पामगढ़ थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद SDRF और नगर सैनिकों की गोताखोर टीम ने नदी में लगातार चार दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। इस बीच पूरे गांव और क्षेत्र में कौशल की मौत की खबर फैल गई और परिवार शोक में डूब गया।
साइबर टीम की एंट्री और सुराग
जब नदी से कोई नतीजा नहीं निकला तो पामगढ़ पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली। जांजगीर की साइबर टीम ने युवक के सोशल मीडिया अकाउंट्स की मॉनिटरिंग शुरू की। इसी दौरान उन्हें पता चला कि कौशल इंस्टाग्राम पर सक्रिय है और उसने अपने एक दोस्त को संदेश भेजा है कि वह जिंदा है। इस जानकारी ने पूरी कहानी को नया मोड़ दे दिया।
23 अगस्त को युवक ने अपने भाई जागेश्वर को भी एक अनजान नंबर से कॉल किया। इस कॉल की जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी। तुरंत ही कॉल लोकेशन ट्रेस की गई और पता चला कि युवक बिलासपुर में है। इसके बाद आरपीएफ और तोरवा थाना पुलिस को अलर्ट किया गया।
बिलासपुर में मिला जिंदा कौशल
सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस और परिजन बिलासपुर के तोरवा इलाके पहुंचे, जहां से युवक को सकुशल बरामद कर लिया गया। कौशल को देखकर परिजन भी स्तब्ध रह गए क्योंकि वे मान चुके थे कि वह नदी में डूब गया है।
पिता के कर्ज और बीमा रकम का लालच
पुलिस पूछताछ में कौशल ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसके पिता पर 1 लाख रुपए का कर्ज था और वह मानसिक तनाव से गुजर रहा था। उसके नाम पर 40 लाख रुपए का जीवन बीमा था। उसने सोचा कि अगर वह मर जाएगा तो बीमा की राशि परिवार को मिल जाएगी और पिता का कर्ज उतर जाएगा। इसी कारण उसने खुद को मरा हुआ दिखाने की साजिश रची।
दिल्ली भागने की योजना
कौशल ने पुलिस को बताया कि 19 अगस्त की शाम कपड़े, मोबाइल और बाइक नदी किनारे छोड़ने के बाद वह पैदल पामगढ़ गया और फिर बस से बिलासपुर पहुंचा। 20 अगस्त को वह ट्रेन से दिल्ली के फरीदाबाद गया, जहां उसने स्टेशन पर ही रात बिताई। ट्रेसिंग से बचने के लिए उसने मोबाइल भी स्टेशन पर फेंक दिया। लेकिन कुछ ही दिनों में वह डर और घबराहट के कारण वापस लौट आया। 22 अगस्त को वह फिर से बिलासपुर आया और अगले दिन पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
समाज में संदेश
यह घटना न केवल पुलिस और परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ी सीख है। कर्ज और मानसिक तनाव की वजह से युवक ने इतना बड़ा कदम उठाया, जो न केवल उसके लिए बल्कि पूरे परिवार के लिए खतरनाक साबित हो सकता था। बीमा की रकम के लिए मौत का नाटक रचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और इससे कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। पामगढ़ पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और युवक को परामर्श देने की प्रक्रिया शुरू की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवार और समाज को जागरूक होना जरूरी है ताकि युवा मानसिक दबाव में कोई गलत कदम न उठाएं।
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