Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र में एक युवक ने रविवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक किशोर दास (27) के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मानसिक प्रताड़ना, धमकियां और वित्तीय दबाव बनाए जाने के कारण उनके बेटे ने यह घातक कदम उठाया। पिता हुकुमदास वैष्णव ने थाना प्रभारी से मामले की निष्पक्ष जांच और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के अनुसार, किशोर दास सुबह लगभग 5 बजे नदी जाने के लिए घर से निकला था। कुछ घंटे बाद सुबह 8 बजे उसका शव घर के पास फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिवार ने बताया कि किशोर दास की शादी 9 अप्रैल 2025 को सरिया क्षेत्र के ग्राम पिरहा निवासी विलासिनी वैष्णव से हुई थी। शादी के चार महीने बाद उसकी पत्नी गर्भवती हो गई।
परिवार के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह यह थी कि किशोर दास अपने परिवार के साथ गांव में रहकर जीवन यापन करना चाहता था, जबकि उसकी पत्नी शहर में रहना चाहती थी। इस मतभेद के कारण दोनों के बीच बातचीत और समझौते नहीं हो पाए। समय के साथ तनाव और झगड़े बढ़ने लगे, जिससे किशोर दास और उसकी पत्नी के बीच अनबन गहराती गई। परिजन का कहना है कि पत्नी ने विवाद के बाद अपने पिता और रिश्तेदारों को बुलाकर मायके चली गई। पंचायत और गांव के सरपंच द्वारा समझाने के बावजूद ससुराल पक्ष ने उसे वापस नहीं भेजा। इसके अलावा परिजनों ने आरोप लगाया कि फोन के माध्यम से किशोर और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जाती रही और बदनाम करने की कोशिश की गई।
इसके अतिरिक्त, परिजनों ने बताया कि 21 मार्च को किशोर दास कंपनी से काम खत्म कर घर लौट रहा था, तब कोतरा रोड के पास ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे रोककर मारपीट की। इस दौरान उसके मोबाइल फोन से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कराए जाने का आरोप लगाया गया। घटना के बाद किशोर दास ने पूरी जानकारी अपने माता-पिता को दी थी। परिवार का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव, धमकियां और उत्पीड़न के कारण किशोर दास ने आत्महत्या का कदम उठाया। मृतक के पिता ने पुलिस से सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ किशोर दास और उसकी पत्नी के बैंक खातों की भी जांच कराने की मांग की है।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर प्रारंभिक छानबीन शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं। ससुराल पक्ष के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने इलाके में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि इस तरह के पारिवारिक विवाद और मानसिक दबाव से युवाओं में तनाव बढ़ रहा है, जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।