Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। कबीरधाम जिले की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिला ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि मंत्रालय में संपर्क और पहचान का झांसा देकर एक युवक ने उससे करीब ₹1.97 लाख की ठगी कर ली। नौकरी न मिलने पर जब महिला ने पैसे की मांग की तो आरोपी ने न केवल रकम लौटाने से इनकार किया, बल्कि जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज भी की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और गाली-गलौज के मामले में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
मामला कबीरधाम की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से जुड़ा
थाना टिकरापारा में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़िता सुरति मांडले, उम्र 28 वर्ष, ग्राम छोटेरगरा, पोस्ट इंदोरी, तहसील पिपरिया, जिला कबीरधाम की रहने वाली हैं और वर्तमान में ग्राम बड़े रगरा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर कार्यरत हैं। पिछले वर्ष महिला एवं बाल विकास विभाग में महिला पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) की भर्ती व्यापम (CG Vyapam) के माध्यम से निकली थी, जिसमें सुरति मांडले ने भी आवेदन किया और परीक्षा में शामिल हुई थीं। रिजल्ट आने के बाद उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया।
आरोपी ने खुद को मंत्रालय में कार्यरत बताया
कॉल करने वाले ने अपना नाम कमल सोनवानी बताया और दावा किया कि वह मंत्रालय में कार्यरत है। उसने यह भी कहा कि उसकी महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री और बड़े अधिकारियों के साथ गहरी पहचान है और वह महिला की नियुक्ति महिला पर्यवेक्षक के पद पर करवा सकता है। इसके बदले उसने ₹2 लाख की मांग की और भरोसा दिलाया कि अगर नौकरी नहीं लगी तो पूरी रकम वापस कर देगा।
सोशल मीडिया से भरोसा दिलाया
आरोपी ने अपनी पहचान पुख्ता करने के लिए महिला को कई मोबाइल नंबर दिए और अपना सोशल मीडिया आईडी भी भेजा, जिसमें वह महिला एवं बाल विकास विभाग में उच्च पद पर कार्यरत दिख रहा था। लगातार कॉल कर वह महिला पर दबाव बनाता रहा कि यह मौका हाथ से न जाने दे, वरना सरकारी नौकरी का चांस खत्म हो जाएगा।
गरीब परिवार से होने और घर की जिम्मेदारी संभालने के कारण पीड़िता ने इस प्रस्ताव पर भरोसा कर लिया और पैसों की व्यवस्था शुरू कर दी।
कैश और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से दी बड़ी रकम
शिकायत के अनुसार, 06 फरवरी 2024 को महिला ने नया बस स्टैंड, भादागांव, रायपुर में आरोपी को ₹50,000 नगद दिए।
इसके बाद —
07 फरवरी 2024 को ₹25,000 नकद HDFC बैंक खाते (नंबर 5010**********) में जमा किए।
07 फरवरी 2024 को ही ₹25,000 गूगल पे से ट्रांसफर किए।
08 फरवरी 2024 को ₹10,000 गूगल पे से भेजे।
09 फरवरी 2024 को गूगल पे से ₹30,000, ₹30,000 और ₹27,000 की तीन किस्तों में राशि भेजी।
इस तरह कुल ₹1,97,000 आरोपी को दे दिए गए।
गारंटी के नाम पर चेक दिया, लेकिन…
पूरी राशि लेने के बाद आरोपी ने भरोसा दिलाने के लिए ₹2,00,000 का चेक भी दिया, जिसकी वैधता केवल तीन महीने की थी। लेकिन समय बीतने के बाद न तो महिला की नौकरी लगी और न ही पैसा वापस मिला। जब महिला ने पैसे लौटाने की मांग की तो आरोपी ने न केवल इनकार किया, बल्कि जान से मारने की धमकी दी और अश्लील गाली-गलौज भी की। पीड़िता की शिकायत पर टिकरापारा थाना पुलिस ने आरोपी कमल सोनवानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
पुलिस ने बताया कि-
आरोपी से ठगी में इस्तेमाल बैंक खाता और गूगल पे ट्रांजैक्शन के विवरण की जांच की जा रही है।
आरोपी के सोशल मीडिया प्रोफाइल और कॉल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम सक्रिय रूप से तलाश में जुटी है।
महिला रोजगार भर्ती में बढ़ रहे फर्जीवाड़े
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं के रिजल्ट आने के बाद ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं, जो असफल या कम नंबर पाने वाले अभ्यर्थियों को लालच देकर बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि —
ऐसे मामलों में पीड़ित अक्सर महिला या ग्रामीण पृष्ठभूमि से होते हैं।
ठग अपनी पहचान सरकारी विभागों के कर्मचारियों या नेताओं के करीबी के रूप में पेश करते हैं।
सोशल मीडिया पर फर्जी तस्वीरें और पोस्ट दिखाकर विश्वास जीतते हैं।
पुलिस ने दी चेतावनी
टिकरापारा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के ऐसे दावों पर भरोसा न करें जो पैसे लेकर नौकरी लगाने की बात करता हो। सरकारी नौकरियों में चयन केवल परीक्षा और मेरिट के आधार पर होता है, और किसी भी तरह की सिफारिश या लेन-देन पूरी तरह गैरकानूनी है।
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