नार्मल डिलीवरी के बाद प्रसूता की मौत, रास्ते में तोड़ा दम, नवजात NICU में भर्ती
छग
Surajpur. सूरजपुर। सूरजपुर जिला अस्पताल में नार्मल डिलीवरी के बाद एक प्रसूता की जान चली गई। प्रसव के बाद अत्यधिक ब्लीडिंग नहीं रुकने पर महिला को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन एम्बुलेंस से ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अंबिकापुर पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रसूता को मृत घोषित कर दिया, जबकि नवजात शिशु को मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले के कोट पटना गांव की रहने वाली जगमनिया सिंह (22 वर्ष), पति देशवंत सिंह, को सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल सूरजपुर में भर्ती कराया गया था। सोमवार रात अस्पताल में उसकी नार्मल डिलीवरी कराई गई, जिसमें उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। शुरुआत में जच्चा-बच्चा दोनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही थी, लेकिन कुछ ही समय बाद प्रसूता को अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई।
डॉक्टरों द्वारा स्थिति संभालने का प्रयास किया गया, लेकिन ब्लीडिंग नहीं रुकने पर उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए मंगलवार सुबह जिला अस्पताल से उसे बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। एम्बुलेंस से अंबिकापुर ले जाते समय रास्ते में ही जगमनिया की हालत और ज्यादा खराब हो गई और उसकी मौत हो गई। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद नवजात शिशु को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमसीएच वार्ड स्थित एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार नवजात की स्थिति फिलहाल स्थिर है और विशेष निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है।
परिजनों ने बताया कि जगमनिया का यह दूसरा प्रसव था। इससे पहले उसकी पहली डिलीवरी भी नार्मल हुई थी, जिसमें उसने एक बेटी को जन्म दिया था। इस बार भी प्रसव सामान्य रहा, लेकिन डिलीवरी के बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे उसकी जान नहीं बच सकी। परिजनों ने इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन या चिकित्सकों पर किसी प्रकार का सीधा आरोप नहीं लगाया है। हालांकि, यह घटना जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है। उल्लेखनीय है कि सूरजपुर जिले में पिछले डेढ़ माह के भीतर प्रसव के दौरान मौत का यह चौथा मामला बताया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में चिंता का माहौल है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमॉर्टम कराया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया। इस दर्दनाक घटना से पूरे परिवार में शोक की लहर है। एक ओर नवजात के जन्म की खुशी थी, तो दूसरी ओर मां की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।