Dhamtari. धमतरी। जिले के ग्राम दहदहा में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहां एक ग्रामीण को तेज रफ्तार कार ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित ग्रामीण रोज की तरह बकरियां चराने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम दहदहा निवासी एक व्यक्ति जो पेशे से गाय-बकरी चराने का काम करता है, दिनांक 27 सितंबर 2025 की सुबह करीब 6:30 बजे अपनी बकरियों को लेकर ग्राम मेडरका की ओर जा रहा था। जब वह गांव के प्राथमिक स्कूल के पास पहुंचा, तभी अचानक पीछे से तेज रफ्तार कार क्रमांक CG 04 H 0131 ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में ग्रामीण सड़क पर गिर पड़ा और उसके बाएं कमर के पीछे के हिस्से में गंभीर चोट आई। ग्रामीण ने बताया कि घटना के समय मौके पर उसके गांव के रविन्द्र चंद्राकर और उसके बेटे भुवनलाल यादव मौजूद थे, जिन्होंने पूरी घटना को अपनी आंखों से देखा। हादसे के बाद ग्रामीण को स्थानीय लोगों ने उठाकर घर पहुंचाया, जहां उसने पहले घरेलू उपचार किया। लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे रायपुर के मेडिसाइन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
इलाज के बाद दर्ज कराई रिपोर्ट
पीड़ित को लगभग एक महीने तक अस्पताल में इलाज चला। 30 अक्टूबर 2025 को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद, उसने 1 नवंबर को धमतरी थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना पुलिस ने ग्रामीण की शिकायत पर कार चालक के खिलाफ तेज व लापरवाह वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। ग्रामीण ने पुलिस को बताया कि कार चालक अत्यधिक तेजी और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था, जिससे हादसा हुआ। यह भी बताया गया कि घटना स्थल पर गांव के बच्चों और अन्य राहगीरों का आना-जाना लगा रहता है, ऐसे में चालक की लापरवाही से बड़ा हादसा भी हो सकता था।
गांव में दहशत, चालक फरार
हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि वाहन की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर लगते ही पीड़ित कई फीट दूर जा गिरा। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा। घटना के बाद से ही गांव में दहशत का माहौल है, लोग सड़क पर चलने में भी एहतियात बरत रहे हैं। पुलिस ने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर (CG 04 H 0131) के आधार पर आरोपी चालक की पहचान शुरू कर दी है। वाहन मालिक की जानकारी आरटीओ विभाग से मांगी गई है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण सड़कों पर बढ़ते तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर करता है। दहदहा और आसपास के इलाकों में सुबह के समय लोग मवेशी चराने, खेत जाने या बाजार की ओर निकलते हैं। ऐसे में बिना किसी स्पीड लिमिट और निगरानी के वाहनों का आवागमन ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।