Bilaspur. बिलासपुर। हरेली तिहार की खुशी मातम में बदल गई जब दर्शन से लौट रहे एक ही परिवार की कार तुंगन नाले के तेज बहाव में बह गई। हादसे में तीन साल का मासूम तेजस लापता हो गया था। दो दिन की तलाश के बाद उसका शव आज घटना स्थल से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में फंसा हुआ मिला। पूरा मामला सीपत थाना क्षेत्र के झलमला गांव का है। खम्हरिया निवासी मोहनलाल साहू अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ हरेली तिहार पर उच्चभट्ठी स्थित शिव शक्ति पीठ मंदिर दर्शन करने गए थे। वापसी के दौरान वे तुंगन नाले को पार कर रहे थे, तभी पानी के तेज बहाव में उनकी कार अनियंत्रित होकर बह गई। कार में कुल 9 लोग सवार थे – 4 वयस्क और 5 बच्चे। नजदीक के ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए 8 लोगों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
लेकिन तेज पानी के बहाव में 3 वर्षीय मासूम तेजस बह गया और लापता हो गया था। इसके बाद से लगातार पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम उसकी खोज में लगी हुई थी। आज दो दिन बाद उसका शव घटनास्थल से कुछ दूर झाड़ियों में फंसा मिला। शव काफी हद तक सड़ चुका था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और फिर परिजनों को सौंप दिया। तेजस का शव गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नाले में तेज बहाव को देखते हुए किसी तरह का सुरक्षा इंतजाम नहीं था। इस दर्दनाक हादसे ने जिला प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल बारिश के दौरान नालों में तेज बहाव रहता है, बावजूद इसके सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड्स और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।