112 में सूचना मिलने पर पहुंची थी पुलिस टीम, भीड़ ने पुलिसकर्मियों को पीटा और वर्दी फाड़ी
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कानपुर। चौबेपुर थाना क्षेत्र में एक बार फिर पुलिस पर हमले की घटना सामने आई है. यह वही इलाका है, जो कभी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और बिकरू कांड के कारण पूरे देश में सुर्खियों में रहा था. शुक्रवार को भवानीपुर गांव में दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना पर यूपी-112 पीआरबी टीम पहुंची थी. इस दौरान एक परिवार ने पुलिस पर हमला कर दिया. आरोप है कि युवक और उसके परिजनों ने दो सिपाहियों को घेरकर लाठी-डंडों से पीटा, उनकी वर्दी फाड़ दी और सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, इसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य की तलाश जारी है. दरअसल, भवानीपुर गांव में वीरेंद्र कमल और राहुल नाम के युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. विवाद बढ़ने पर राहुल की पत्नी ने यूपी-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी. पीआरबी की टीम मौके पर पहुंची. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने दूसरे पक्ष के युवक नरेंद्र से बात करने की कोशिश की.
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान नरेंद्र पुलिसकर्मियों से उलझ गया और गाली-गलौज करने लगा. जब एक सिपाही ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो उसने विरोध शुरू कर दिया. इसी दौरान उसके परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया. महिलाओं ने भी लाठी और डंडे उठाकर पुलिसकर्मियों पर हमला किया. इस दौरान दोनों सिपाहियों की वर्दी फट गई और उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा गया. किसी तरह दोनों पुलिसकर्मी वहां से निकले. हमले के दौरान आरोपियों ने पीआरबी वाहन में भी तोड़फोड़ की. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने और आसपास के इलाकों से पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा. इसके बाद हालात पर काबू पाया गया.
पुलिस ने मौके से आरोपी वीरेंद्र और उसके बेटे के भाई कन्हैया को गिरफ्तार कर लिया. वहीं मुख्य आरोपी नरेंद्र और उसकी पत्नी सहित अन्य नामजद आरोपी फरार हैं. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने, मारपीट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है. फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है. पुलिस ने मौके से आरोपी वीरेंद्र और उसके बेटे के भाई कन्हैया को गिरफ्तार कर लिया. वहीं मुख्य आरोपी नरेंद्र और उसकी पत्नी सहित अन्य नामजद आरोपी फरार हैं. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने, मारपीट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है. फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है. घटना में घायल हुए दोनों पुलिसकर्मियों को अस्पताल पहुंचाया गया. इस मामले में राहुल, जिसकी ओर से पुलिस को बुलाया गया था, उसका कहना है कि आरोपी परिवार गांव में दबंगई करता है. आए दिन विवाद करता रहता है. उसके मुताबिक पुलिस जैसे ही मौके पर पहुंची, आरोपियों ने पुलिसकर्मियों को ही निशाना बना लिया. उसने कहा कि अगर समय रहते अतिरिक्त पुलिस बल नहीं पहुंचता तो घटना और गंभीर हो सकती थी.
वहीं गिरफ्तार आरोपी वीरेंद्र ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया. उसका कहना है कि मौके पर काफी लोग मौजूद थे और किसने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की, उसे इसकी जानकारी नहीं है. पुलिस इस बयान की भी जांच कर रही है. इस घटना का वीडियो किसी ग्रामीण ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखाई दे रही है. इस मामले में एसीपी अंकित कुमार का कहना है कि विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी, जिसमें एक पक्ष पुलिस से भिड़ गया. इसमें दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि चौबेपुर वही इलाका है, जहां साल 2020 में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने पुलिस टीम पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें एक डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों की जान चली गई थी.