प्रॉपर्टी विवाद सुलझाने बुलाए व्यक्ति ने ही की हत्या, 5 साल बाद अहमदाबाद से हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

छग

Update: 2026-03-22 15:58 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में वर्ष 2021 में हुए एक सनसनीखेज हत्या और लूट के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस व्यक्ति को परिवार ने प्रॉपर्टी विवाद सुलझाने के लिए बुलाया था, उसी ने महिला की हत्या कर लाखों की लूट को अंजाम दिया। इस बहुचर्चित मामले में आरोपी को अब करीब पांच साल बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अजय कुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ राजनारायण मिश्रा अहमदाबाद का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। आरोपी को 21 मार्च 2026 को अहमदाबाद से पकड़ा गया। सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस की टीम आरोपी को लाने के लिए गुजरात रवाना हो गई है।
यह मामला अक्टूबर 2021 का है, जब रायपुर के पटेल चौक स्थित एक बंद मकान में शकुंतला देवी (पति स्व. अमर यादव) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उस समय यह मामला ब्लाइंड मर्डर के रूप में दर्ज किया गया था और पुलिस लंबे समय तक जांच करती रही, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया। जांच में सामने आया कि शकुंतला देवी का अपने बड़े बेटे अजय यादव के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के लिए उन्होंने और उनके छोटे बेटे अमित यादव ने अजय कुमार मिश्रा से संपर्क किया था।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी अजय और अमित यादव पहले एक अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में साथ काम कर चुके थे। इसी पहचान का फायदा उठाते हुए अमित ने आरोपी को विवाद सुलझाने के लिए करीब 4 लाख रुपये और 10 हजार रुपये एडवांस दिए थे। लेकिन आरोपी पैसे लेकर फरार हो गया। इसके बाद शकुंतला देवी उसे खोजते हुए उसके गांव तक पहुंच गई थीं। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने बदला लेने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार, आरोपी अजय अपने साथी केतन उर्फ केटी के साथ रायपुर आया और शकुंतला देवी के घर में ही ठहरा। मौका मिलते ही दोनों ने महिला का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी घर से करीब 10 लाख रुपये नकद और 30-35 तोला सोना लूटकर फरार हो गया।
अहमदाबाद पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने लूटे गए सोने को उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक सराफा व्यापारी को बेच दिया था। घटना के बाद उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल बंद कर दिया और लगातार ठिकाने बदलता रहा। वह पहले गोवा, फिर अहमदाबाद और बाद में मुंबई में छिपकर रह रहा था। इस बीच रायपुर के टिकरापारा थाना में हत्या का मामला दर्ज था। कई सालों तक पुलिस इस मामले की जांच करती रही, लेकिन आरोपी तक पहुंच नहीं सकी। थाने में कई थाना प्रभारी बदले, लेकिन केस अनसुलझा ही रहा।
अब अहमदाबाद पुलिस से मिली सूचना के बाद रायपुर पुलिस ने इस केस की फाइल दोबारा खोल दी है। एडिशनल डीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा ने बताया कि एक विशेष टीम को अहमदाबाद भेजा गया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाकर पूछताछ की जाएगी, जिससे इस पूरे मामले का विस्तृत खुलासा हो सकेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद उसके साथी और नेटवर्क के बारे में भी जानकारी मिल सकती है। साथ ही लूटे गए सोने और अन्य संपत्ति की बरामदगी के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि किस तरह भरोसे का फायदा उठाकर गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया। पांच साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है और पुलिस को भी इस लंबे समय से लंबित केस को सुलझाने में सफलता मिली है।
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