Raipur. रायपुर। आज नया रायपुर स्थित ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट परिसर में छत्तीसगढ़ की आत्मा– उसकी गौरवशाली आदिवासी संस्कृति, परंपरा और विरासत को समर्पित "आदिवासी गौरव संग्रहालय (Tribal Museum)" का लोकार्पण एवं सम्मान समारोह भव्यता, भावनात्मकता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का शुभारंभ 'छत्तीसगढ़ महतारी' की पूजा-अर्चना की, जिसमें हमारी संस्कृति की जड़ों को नमन करते हुए राज्य की समृद्ध परंपराओं का सम्मान किया गया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं माननीय विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के करकमलों द्वारा संग्रहालय का लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान "आदिवासी संग्रहालय" की स्मारिका का संयुक्त रूप से विमोचन कर इस गौरवशाली क्षण को अभिलेखीय रूप प्रदान किया गया। यह स्मारिका आने वाली पीढ़ियों के लिए आदिवासी गौरव और पहचान का स्थायी दस्तावेज बनेगी। यह संग्रहालय न केवल हमारी जनजातीय कला, परंपरा और जीवनशैली का जीवंत प्रतिबिंब है, बल्कि यह शोध, शिक्षा एवं सांस्कृतिक चेतना का एक सशक्त केंद्र भी बनेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में प्रयास आवासीय विद्यालय सहित अन्य संस्थानों से उत्तीर्ण मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जो सामाजिक समावेशन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह संग्रहालय हमारी जड़ों का सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।