CAF जवान का हाथ टूटा, हेड कांस्टेबल घायल

छग

Update: 2025-12-29 18:02 GMT
Mahasamund. महासमुंद। जिले में सोमवार को एक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंत्री के काफिले के साथ चल रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के जवान प्रदीप कुमार का हाथ टूट गया, जबकि हेड कांस्टेबल त्रिलोचन भोई घायल हो गए। घायल CAF जवान को प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी को जिले की ऐतिहासिक और पुरातात्विक नगरी सिरपुर में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत तथा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति और धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल सोमवार को सिरपुर पहुंचे थे। मंत्री ने वहां विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और इसके बाद वापस लौट रहे थे।
इसी दौरान नेशनल हाईवे-53 पर पिरदा के पास लगभग दोपहर 2:37 बजे मंत्री के काफिले को फॉलो कर रही स्कॉर्पियो (क्रमांक CG 04 NZ 8178) तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित हो गई और पलट गई। वाहन में जिला पुलिस बल के हेड कांस्टेबल त्रिलोचन भोई (45), CAF 15वीं बटालियन के जवान प्रदीप कुमार (26) और वाहन चालक सवार थे। हादसे में CAF जवान प्रदीप कुमार गंभीर रूप से घायल हुए और उनका हाथ टूट गया, जबकि हेड कांस्टेबल त्रिलोचन भोई को हल्की चोटें आई। घटना की सूचना मिलते ही तुमगांव थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों घायलों को तत्काल तुमगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद CAF जवान की स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बताया कि वाहन तेज रफ्तार होने के कारण सड़क के किनारे अनियंत्रित होकर पलटा। हादसे की वजहों और दुर्घटना के अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। सड़क दुर्घटना के बावजूद मंत्री राजेश अग्रवाल ने सिरपुर दौरे का कार्यक्रम जारी रखा और विभिन्न स्थलों का निरीक्षण करके तैयारियों का जायजा लिया। प्रशासन ने बताया कि हादसे में मंत्री या उनके काफिले के अन्य सदस्य सुरक्षित थे।
हादसे के बाद पुलिस ने बताया कि सड़क सुरक्षा और वाहन गति नियमों का पालन करने की जरूरत है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर तेज रफ्तार वाहन और सुरक्षा के उपायों की अनदेखी से ऐसे हादसे हो सकते हैं। प्रशासन ने कहा कि सड़क सुरक्षा और काफिले के संचालन के मानक प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस हादसे से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मची, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने समय रहते राहत और प्राथमिक उपचार सुनिश्चित कर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और काफिले के संचालन पर भी ध्यान देने की आवश्यकता सामने आई है। महासमुंद हादसा सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार वाहन और काफिले संचालन में सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है। प्रशासन और पुलिस ने चेताया कि भविष्य में सड़क पर वाहन चलाते समय अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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