Kondagaon. कोंडागांव। जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार केशकाल क्षेत्र के कुएंमारी जलप्रपात में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 13 वर्षीय कार्तिक मंडावी की मौत हो गई। घटना ने पूरे बटराली गांव को स्तब्ध कर दिया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, और ग्रामीणों में प्रशासन पर गहरी नाराजगी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, कार्तिक मंडावी ग्राम बटराली का निवासी था और वह अपने दोस्तों के साथ घर वालों को बताए बिना कुएंमारी जलप्रपात घूमने गया था। वह झरने के ऊपरी हिस्से पर फोटो खींचने के दौरान फिसल गया और लगभग 40 फीट गहरी खाई में गिर गया। गिरने से उसके सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने बच्चे को जलप्रपात से बाहर निकालकर केशकाल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कार्तिक बेहद होनहार और चंचल स्वभाव का बच्चा था। परिवार को इस अचानक हुए नुकसान का गहरा सदमा लगा है। पूरे गांव में मातम छा गया है और बच्चे के मित्र और पड़ोसी भी इस घटना से दुखी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुएंमारी जलप्रपात में बारिश के मौसम में पानी का बहाव बहुत तेज हो जाता है, जिससे वहां हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है। इसके बावजूद जलप्रपात क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा और चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी कई पर्यटक और स्थानीय लोग फिसलकर घायल या हताहत हो चुके हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात के मौसम में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अनिवार्य की जाए। इसके साथ ही जलप्रपात क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड और नियमित गश्त की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को पहले की घटनाओं से सबक लेकर आवश्यक सुरक्षा उपाय करना चाहिए।
पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार यह एक दुर्घटना प्रतीत होती है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस और प्रशासन मिलकर इस क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। स्थानीय पार्षद और सामाजिक संगठन भी इस मामले में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।