Gandai. गंडई। थाना गंडई पुलिस ने बैंक से लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने केनरा बैंक दुर्ग से 36 लाख रुपये का लोन दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से कुल 8 लाख 26 हजार 570 रुपये की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। थाना गंडई से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी अश्वनी कुमार जांगड़े, पिता सीताराम जांगड़े, उम्र 53 वर्ष, निवासी ग्राम ठढार थाना गंडई जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, 09 फरवरी 2026 को थाना उपस्थित होकर लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में प्रार्थी ने बताया कि आरोपी अभिषेक गिरी, पिता पप्पू गिरी, उम्र 22 वर्ष, निवासी कैम्प-01 भिलाई, थाना छावनी जिला दुर्ग ने केनरा बैंक दुर्ग से 36 लाख रुपये का लोन दिलाने के नाम पर उससे अलग-अलग किस्तों में नगद और ऑनलाइन माध्यम से रकम वसूल की।
प्रार्थी के अनुसार, दिनांक 02 जुलाई 2025 से 05 फरवरी 2026 के बीच आरोपी ने नगद रूप से 2,84,900 रुपये, फोन के माध्यम से प्रार्थी के मोबाइल नंबर पर 2,21,950 रुपये, तथा अन्य खातों में रकम डलवाई। इनमें रवि शंकर हिरवानी के मोबाइल नंबर 9584741373 में 89,000 रुपये, दिक्षा बंधेल के खाते में 1,20,240 रुपये, तथा अन्य साथियों के खातों में कुल 5,76,570 रुपये डलवाए गए। इस प्रकार कुल 8,26,570 रुपये की ठगी की गई। शिकायत के आधार पर थाना गंडई में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी अभिषेक गिरी का पता साजी कर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर भोले-भाले लोगों को बैंक लोन दिलाने का लालच देकर ठगी करता था और योजनाबद्ध तरीके से फोन-पे, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नगद माध्यम से रकम वसूल करता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा गिरोह बनाकर इस तरह की ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण में धारा 61(2) बीएनएस जोड़ी गई है। थाना गंडई पुलिस ने आरोपी को दिनांक 09 फरवरी 2026 को रात्रि 8:35 बजे गिरफ्तार किया और उसे माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बैंक लोन, सरकारी योजनाओं या किसी भी प्रकार के आर्थिक लाभ के नाम पर मांगी जा रही राशि को लेकर सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को नगद या ऑनलाइन भुगतान करने से पहले संबंधित बैंक या विभाग से पुष्टि अवश्य करें।