रामानुजगंज ज्वेलरी डकैती कांड में 8 आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा

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Update: 2025-11-11 14:00 GMT
Ramanujganj. रामानुजगंज। बहुचर्चित राजेश ज्वेलरी डकैती कांड में रामानुजगंज सत्र न्यायाधीश हेमंत शराफ की अदालत ने आज बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने एक महिला सहित सभी आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर ₹50,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला उस समय पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आया था जब रामानुजगंज शहर के राजेश ज्वेलर्स में करीब ₹4 करोड़ की सोना-चांदी की लूट को अंजाम दिया गया था। पुलिस जांच में यह सामने आया था कि यह गिरोह बिहार-झारखंड के कुख्यात बुकिंग गैंग से जुड़ा है, जो पहले भी कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा है।
🔹 डकैती की घटना जिसने हिला दिया था पूरा इलाका
घटना बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामानुजगंज बाजार स्थित राजेश ज्वेलरी की है, जहां हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े धावा बोलते हुए दुकान मालिक को बंधक बना लिया था। अपराधियों ने लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषणों की लूट कर ली थी और मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे सरगुजा संभाग में पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित किया था। तत्कालीन रामानुजगंज थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ दिनों में ही गिरोह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था।
🔹 पुलिस ने बरामद किए 100% आभूषण
रामानुजगंज पुलिस की बड़ी उपलब्धि यह रही कि उसने इस मामले में 100 प्रतिशत सोना-चांदी के आभूषण बरामद कर लिए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सभी चोरीशुदा गहने, हथियार और वाहन जब्त किए थे। बरामद आभूषणों की कुल कीमत लगभग ₹4 करोड़ बताई गई थी।
🔹 बिहार-झारखंड के बुकिंग गैंग से कनेक्शन
जांच में यह भी सामने आया कि सभी आरोपी बिहार और झारखंड के कुख्यात बुकिंग गैंग से जुड़े हैं। यह गैंग पहले भी दोनों राज्यों में 10 से अधिक डकैती और लूट की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने कहा कि यह गिरोह बारीकी से रेकी कर बड़े शहरों में ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाता था।
गिरोह के सदस्यों में एक महिला भी शामिल थी, जो स्थानीय स्तर पर सूचना देने और ठिकाना उपलब्ध कराने का काम करती थी। अदालत ने उसे भी समान अपराध में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है।
🔹 अदालत ने कही ये बातें
सत्र न्यायाधीश हेमंत शराफ ने फैसले में कहा कि “यह अपराध सुनियोजित, संगठित और समाज में भय फैलाने वाला था। ऐसे अपराधियों के प्रति नरमी समाज के लिए खतरनाक संदेश देती है। इसलिए सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी जाती है।”
🔹 पुलिस अधिकारियों की सराहना
फैसले के बाद पुलिस महकमे ने तत्कालीन थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी और उनकी टीम की सराहना की है। उस समय की गई त्वरित जांच, तकनीकी साक्ष्य संग्रह और अंतर्जनपदीय सहयोग के चलते ही यह मामला मजबूत साबित हुआ। रामानुजगंज के वर्तमान पुलिस अधिकारियों ने भी कहा कि यह फैसला अपराधियों को कड़ा संदेश देता है कि कानून के हाथ लंबे हैं और न्याय देर से सही, पर मिलता जरूर है।
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