बिलासपुर। महादेव बुक ऑनलाइन सट्टा से जुड़े बैंक खातों को अनफ्रीज करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला कोर्ट ने बैंक अकाउंट को अनफ्रीज करने से इंकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।
मामले की सुनवाई दसवें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आदित्य जोशी के कोर्ट में हुई। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है, भले ही कोई व्यक्ति एफआईआर या चार्जशीट में सीधेतौर पर आरोपी न हो, लेकिन यदि उसके बैंक खाते का उपयोग अपराध की कमाई या संदिग्ध लेन-देन के लिए हुआ है, तो जांच के दौरान उसे अनफ्रीज नहीं किया जा सकता। जेएमएफसी के आदेश को सही ठहराते हुए बैंक अकाउंट काे अनफ्रीज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
तारबहार थाने में धोखाधड़ी और साजिश के तहत अपराध दर्ज किया है। दर्ज अपराध में मुख्य आरोपी रजत जैन ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी के अवैध कारोबार के लिए एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। इस नेटवर्क के तहत, आईसीआईसीआई बैंक के कर्मचारी जय दुबे, सार्थक गसवाड़े और गौरव चौधरी के जरिए याचिकाकर्ता विकास कुमार सिंह व उसके 6-7 दोस्तों के नाम पर बैंक खाते खोले गए थे। इन खातों को खोलने के लिए झांसा देकर उनके हस्ताक्षर और मोबाइल पर आए ओटीपी ले लिए गए। बाद में आरोपियों ने इन बैंक खातों के जरिए फर्जी कंपनियां (शेल कंपनियां) बनाकर महादेव सट्टा एप का 50 करोड़ से अधिक का संदिग्ध वित्तीय लेन-देन संचालित किया गया।
जांच के दौरान तारबहार पुलिस ने याचिकाकर्ता विकास कुमार सिंह के आईसीआईसीआई बैंक (खाता क्रमांक 133801508337, शाखा- सीवल मिर्जा कॉम्प्लेक्स, सीवान, बिहार) में जमा 90,751.60 की राशि को डेबिट-फ्रीज करा दिया था। याचिकाकर्ता ने इस खाते को दोबारा चालू करने और रकम को सुपुर्दनामे पर प्राप्त करने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रणव वैद्य की अदालत में आवेदन लगाया था, जिसे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 24 अप्रैल 2026 को खारिज कर दिया। इस आदेश के खिलाफ विकास कुमार सिंह ने सत्र न्यायालय में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने पैरवी करते हुए कहा, याचिकाकर्ता इस अपराध में आरोपी नहीं है और पुलिस ने खाते से जुड़े सभी साक्ष्य पहले ही एकत्र कर लिए हैं, इसलिए खाते को फ्रीज रखने से उसे भारी असुविधा हो रही है।राज्य सरकार ने की ओर से पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता ने इस पर विरोध दर्ज कराया और खाता फ्रीज रखने की मांग की।मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है।