टिफिन बम लगाते 4 नक्सली गिरफ्तार, इनामी जनमिलिशिया कमांडर भी शामिल

छग

Update: 2025-08-30 15:06 GMT
Sukma. सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना केरलापाल क्षेत्र में पुलिस और जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की संयुक्त टीम ने चार नक्सलियों को धर दबोचा। ये नक्सली जंगल में टिफिन बम लगाकर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में एक जनमिलिशिया कमांडर भी शामिल है, जिस पर राज्य शासन ने दो लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था।
अभियान के दौरान मिली सफलता
पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त की सुबह सुरक्षाबल को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ नक्सली जंगल के रास्ते में आईईडी प्लांट करने वाले हैं। सूचना के आधार पर थाना केरलापाल पुलिस और डीआरजी ब्रेवो की संयुक्त टीम को रवाना किया गया। टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके दौरान चार नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामद विस्फोटक सामग्री
गिरफ्तारी के दौरान नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और सामग्री बरामद हुई। इनमें शामिल हैं:
2 नग टिफिन बम (प्रत्येक लगभग 5 किलो वजनी)
4 नग डेटोनेटर
2 मीटर कोर्डेक्स वायर
4 नग जिलेटिन रॉड
15 मीटर इलेक्ट्रिक वायर
4 नग पेंसिल सेल
पुलिस का कहना है कि इन विस्फोटकों को जंगल के रास्ते में प्लांट कर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जाना था।
गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान
पकड़े गए नक्सलियों की पहचान इस प्रकार है:
मुचाकी देवा (29 वर्ष) – जनमिलिशिया कमांडर, जिस पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
मुचाकी गुड्डी उर्फ महेश (29 वर्ष) – सक्रिय जनमिलिशिया सदस्य।
सोड़ी हिड़मा (22 वर्ष) – माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य।
सोड़ी देवा (40 वर्ष) – ग्राम गोगुंडा का निवासी और जनमिलिशिया कार्यकर्ता।
ये सभी आरोपी थाना केरलापाल अंतर्गत ग्राम गोगुंडा के निवासी बताए गए हैं और माओवादी संगठन की विभिन्न इकाइयों में लंबे समय से सक्रिय थे।
कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ थाना केरलापाल में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि चारों को शनिवार को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की सराहना
सुकमा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई है। नक्सल उन्मूलन अभियान को जिले में तेज किया गया है। सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और जंगलों में सर्च ऑपरेशन जारी है।
नक्सलियों की साजिश नाकाम
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नक्सली आए दिन टिफिन बम और आईईडी लगाकर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस बार उनकी साजिश को जवानों ने नाकाम कर दिया। बरामद सामग्री से यह स्पष्ट है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
ग्रामीणों में विश्वास बढ़ाने की पहल
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई से ग्रामीणों का सुरक्षा बलों पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। ग्रामीण अब नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने लगे हैं। यही वजह है कि सटीक जानकारी के आधार पर सुरक्षाबल नक्सलियों तक पहुँचने में कामयाब हो रहे हैं।
लगातार जारी है नक्सल विरोधी अभियान
सुकमा समेत बस्तर के कई जिलों में नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस, सीआरपीएफ और डीआरजी की टीमें नियमित तौर पर संयुक्त अभियान चला रही हैं। हाल के दिनों में कई नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ-साथ गिरफ्तारियाँ भी हुई हैं। सुरक्षा बलों की रणनीति है कि जंगल में लगातार दबाव बनाए रखा जाए, ताकि नक्सली गतिविधियों को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
नक्सल हिंसा पर कड़ा प्रहार
सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया है कि नक्सलियों के खिलाफ राज्य सरकार और पुलिस का अभियान ठोस नतीजे दे रहा है। नक्सली संगठन का जनमिलिशिया कमांडर पकड़े जाना सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह गिरफ्तारी न केवल संगठन की ताकत को कमजोर करेगी, बल्कि उनके स्थानीय नेटवर्क को भी बड़ा झटका लगेगा।
Tags:    

Similar News