ट्रेनों में चोरी करने वाले अंतरराज्यीय खगड़िया पेपर गैंग के 4 आरोपी गिरफ्तार
छग
Bilaspur. बिलासपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की संयुक्त कार्रवाई में यात्रियों के सामान की चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय “खगड़िया पेपर गैंग” के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन यात्री सुरक्षा” के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल द्वारा की गई, जिसका उद्देश्य ट्रेनों में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर रोक लगाना है। जानकारी के अनुसार, 26 मार्च 2026 को गाड़ी संख्या 55189 इतवारी–छिंदवाड़ा पैसेंजर में एक यात्री का बैग चोरी हो गया था, जिसमें सोने-चांदी के जेवरात थे, जिनकी कुल कीमत लगभग 2 लाख 44 हजार 700 रुपये बताई गई। इसी तरह 16 मार्च 2026 को गाड़ी संख्या 58206 इतवारी–रायपुर पैसेंजर में एक अन्य यात्री के 2 लाख 20 हजार 853 रुपये मूल्य के आभूषण चोरी हुए थे। दोनों मामलों में जीआरपी इतवारी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडल सुरक्षा आयुक्त दीप चंद्र आर्य के निर्देश पर विशेष टास्क टीम और डिकॉय टीम का गठन किया गया। अपराध गुप्तचर शाखा द्वारा तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और लगातार निगरानी रखी गई। 11 अप्रैल 2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर आरपीएफ टास्क टीम और जीआरपी इतवारी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गाड़ी संख्या 58206 में यात्रा कर रहे तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के मिलान के बाद उनकी पहचान की पुष्टि हुई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अंतर्राज्यीय “खगड़िया पेपर गैंग” के सदस्य हैं। यह गिरोह ट्रेनों में यात्रियों के सामान को बेहद शातिर तरीके से निशाना बनाता है। आरोपी ट्रेन में ऊपरी बर्थ पर रखे बैग और सूटकेस को देखते थे। अखबार या कपड़े की आड़ में चेन खोलकर सामान निकाल लेते थे।
जिससे यात्रियों को तुरंत चोरी का पता नहीं चलता था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का सरगना बिहार के खगड़िया क्षेत्र का रहने वाला है, जो छत्तीसगढ़ के भिलाई में रहकर पूरे गिरोह का संचालन करता था। वह बेरोजगार युवकों को पैसे का लालच देकर इस अपराध में शामिल करता था और अलग-अलग ट्रेनों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिलवाता था। रेलवे पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने अब तक कितनी ट्रेनों में वारदातों को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में आरपीएफ, अपराध गुप्तचर शाखा और जीआरपी की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने सामान की निगरानी स्वयं करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 या सुरक्षा बलों को दें।