Durg. दुर्ग। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार मिशन वात्सल्य योजना के तहत दुर्ग जिले में 24 घंटे संचालित होने वाली चाइल्ड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। इस हेल्प डेस्क का उद्देश्य जिले के जरूरतमंद, बेसहारा और संकटग्रस्त बच्चों को त्वरित सहायता और संरक्षण प्रदान करना है। इस नई सुविधा का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, दुर्ग द्वारा किया गया। हेल्प डेस्क का संचालन न्यू बस स्टैंड प्रतीक्षालय में रैन बसेरा के नीचे, भूतल कक्ष क्रमांक-02, अनुसूचित जाति ब्लॉक में किया जा रहा है। यह केंद्र पूरी तरह से 24×7 (चौबीसों घंटे, सातों दिन) कार्यरत रहेगा ताकि किसी भी समय बच्चों को सहायता मिल सके। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह हेल्प डेस्क चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 से सीधे जुड़ी हुई है।
इस हेल्पलाइन का प्रमुख उद्देश्य 0 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को सुरक्षा, देखरेख और संरक्षण प्रदान करना है। जो बच्चे शोषण, परित्याग, बाल मजदूरी, सड़क पर रहने या अन्य किसी आपात स्थिति में फंसे हैं, उन्हें इस डेस्क के माध्यम से तुरंत सहायता मिल सकेगी। इस हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों और कॉल्स पर प्रशिक्षित अधिकारी और कर्मी बच्चों की स्थिति का आकलन कर पुनर्वास, परामर्श, चिकित्सा सहायता और कानूनी सहयोग जैसी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही, ऐसे बच्चों को सुरक्षित स्थान या शेल्टर होम तक पहुंचाने की व्यवस्था भी विभाग द्वारा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दुर्ग जिले में बाल सुरक्षा से जुड़े कार्यों को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है। अब किसी भी जरूरतमंद बच्चे को सहायता के लिए दिन-रात किसी भी समय 1098 पर कॉल कर मदद मांगी जा सकती है।