रतनपुर मां महामाया मंदिर में 24 घंटे सुरक्षा, चिकित्सा और व्यवस्था का सुनिश्चित प्रबंध
छग
Bilaspur. बिलासपुर। चैत्र नवरात्रि पर्व को देखते हुए रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का विस्तृत समीक्षा किया गया और विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। पिछले वर्षों में पार्किंग की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस बार 20 एकड़ क्षेत्र में पार्किंग का समतलीकरण किया गया है और लाइटिंग की व्यवस्था भी पूरी कर दी गई है। प्रवेश और निकासी के मार्ग अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त कोई आयोजन नहीं होगा। प्रशासन ने 24 घंटे चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है, जिसमें डॉक्टरों की 8-8 घंटे की शिफ्ट और तैनात एंबुलेंस शामिल हैं। साथ ही मंदिर में 24 घंटे बिजली और फायर ब्रिगेड टीम तैनात रहेगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस और कार्यपालन दंडाधिकारी की ड्यूटी भी 24 घंटे जारी रहेगी। बैठक में मंदिर तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत, मंदिर परिसर में पर्याप्त पंखे और पेयजल, और लखनी देवी मंदिर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता कोटा एसडीएम ने की। इसमें मंदिर ट्रस्टी आशीष सिंह ठाकुर, अध्यक्ष अरुण शर्मा, उपाध्यक्ष सतीश शर्मा, एएसपी मधुलिका सिंह, एसडीओपी नूपुर उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मंदिर ट्रस्ट ने निशुल्क भंडारे के लिए गैस सिलेंडरों की कमी का मुद्दा उठाया। प्रशासन ने 30 सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिससे श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराया जा सके। सप्तमी पर पूरे रात मंदिर का पट खुला रहेगा। पैदल श्रद्धालुओं के लिए 20 बसें विशेष रूप से तैनात की गई हैं, जो उन्हें वापसी में मदद करेंगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर के व्यवसायियों से सीसीटीवी कैमरों का एंगल मुख्य सड़क की ओर रखने का निर्णय लिया गया। हेलीपेड क्षेत्र में आवश्यक बेरिकेडिंग की जाएगी। नवरात्रि के दौरान रतनपुर नगर पालिका परिषद को विशेष साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक के समापन पर मंदिर ट्रस्टी अरुण शर्मा ने सभी अधिकारियों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन से यह सुनिश्चित किया गया कि चैत्र नवरात्रि पर्व में श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कर सकें, और मंदिर परिसर में सभी सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध हों।