Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों और स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितताओं के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। धरमजयगढ़ विकासखंड में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अलग-अलग समय पर दो क्लीनिकों को सील कर दिया है। इनमें ग्राम सकरलिया में एक मकान के कमरे में संचालित क्लीनिक और धरमजयगढ़ स्थित नंदे क्लीनिक शामिल हैं। जांच के दौरान एक क्लीनिक के संचालक के पास वैध मेडिकल डिग्री और लाइसेंस से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले, जबकि दूसरे क्लीनिक में पंजीयन समेत कई अनियमितताएं सामने आईं।
जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ के तहसीलदार हितेष साहू और विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. गजानंद राठिया की संयुक्त टीम को ग्राम सकरलिया में बिना अनुमति क्लीनिक संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने क्लीनिक के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान सामने आया कि गांव के एक मकान के कमरे में कई वर्षों से क्लीनिक संचालित किया जा रहा था। टीम ने क्लीनिक संचालक उत्तम विश्वास से उनकी मेडिकल डिग्री, चिकित्सा संबंधी योग्यता और क्लीनिक संचालन का वैध लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, जांच के समय संचालक कोई भी आवश्यक वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इसके बाद संयुक्त टीम ने नियमों के उल्लंघन को देखते हुए क्लीनिक को सील कर दिया। अधिकारियों ने मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बिना आवश्यक अनुमति और निर्धारित मानकों के चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धरमजयगढ़ स्थित नंदे क्लीनिक के खिलाफ भी कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले यहां प्रसव के बाद एक महिला की मौत होने का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक की जांच की। जांच के दौरान पंजीयन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने सहित कई अनियमितताएं सामने आईं। इन खामियों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने नंदे क्लीनिक को भी सील कर दिया। हालांकि, महिला की मौत के वास्तविक कारणों और क्लीनिक में किसी संभावित चिकित्सकीय लापरवाही के संबंध में जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में महिला की मौत को सीधे क्लीनिक की अनियमितताओं से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।
बीएमओ डॉ. गजानंद राठिया ने बताया कि करीब दस दिन पहले डॉ. रचना नंदे के क्लीनिक में जांच के दौरान कई खामियां मिली थीं। इसके बाद क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की गई थी। वहीं, गुरुवार को ग्राम सकरलिया में एक कमरे से क्लीनिक संचालित होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची टीम ने जांच की तो संचालक के पास वैध लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले।
बीएमओ ने बताया कि धरमजयगढ़ क्षेत्र में संचालित क्लीनिकों की जांच लगातार की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। जहां भी नियमों का उल्लंघन या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आएगी, वहां संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बिना पंजीयन संचालित होने वाले क्लीनिकों की निगरानी का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्लीनिक संचालन के लिए आवश्यक अनुमति, पंजीयन और निर्धारित चिकित्सा मानकों का पालन जरूरी है। फिलहाल दोनों क्लीनिकों को सील किया जा चुका है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि धरमजयगढ़ विकासखंड में स्वास्थ्य संस्थानों की जांच का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, ताकि मरीजों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो।
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