कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 19 वर्षीय आईटीआई छात्र की मौत का मामला सामने आया है। उरगा थाना क्षेत्र के सलिहाभांठा गांव निवासी इंद्रजीत महतो का शव घर में फांसी के फंदे से लटका मिला। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। मृतक के पिता दिलीप कुमार महतो ने बेटे के साथ रहने वाले युवक राजेश्वर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पिता का कहना है कि उनका बेटा लंबे समय से मानसिक तनाव में था और फोन पर अपनी परेशानी बताया करता था। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड की पढ़ाई कर रहा था छात्र
जानकारी के अनुसार, सलिहाभांठा गांव निवासी इंद्रजीत महतो (19 वर्ष) करतला स्थित आईटीआई में इलेक्ट्रिशियन ट्रेड की पढ़ाई कर रहा था। इंद्रजीत की मां का पहले ही निधन हो चुका था। पिता दिलीप कुमार महतो उसकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर प्रयासरत थे। पिता ने बताया कि उनका बेटा स्वभाव से सीधा-साधा और परिवार का सम्मान करने वाला था। शुरुआत में इंद्रजीत घर से ही आईटीआई आना-जाना करता था, लेकिन बस की सुविधा नहीं मिलने के कारण उसे परेशानी होने लगी थी। इसी वजह से परिवार ने उसे गांव के ही राजेश्वर नामक युवक के साथ रहने के लिए भेज दिया था, ताकि उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
पिता ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप
मृतक के पिता दिलीप कुमार महतो का आरोप है कि राजेश्वर उनके बेटे को मानसिक रूप से परेशान करता था। इंद्रजीत फोन पर उन्हें अपनी परेशानी बताता था। पिता के अनुसार, राजेश्वर उसके साथ गाली-गलौज करता था और कई बार परिवार को लेकर भी अपशब्द कहता था। इससे इंद्रजीत काफी दुखी रहता था। दिलीप कुमार का कहना है कि उनका बेटा परिवार से बेहद लगाव रखता था। परिवार के सदस्यों के बारे में गलत बातें सुनकर वह परेशान हो जाता था। हालांकि, राजेश्वर पर लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
दो दिन पहले पिता को बताई थी परेशानी
दिलीप कुमार महतो ने बताया कि मौत से दो दिन पहले भी इंद्रजीत ने फोन पर उनसे अपनी परेशानी साझा की थी। उसने राजेश्वर द्वारा कथित रूप से परेशान किए जाने की जानकारी दी थी। पिता ने बताया कि वह इस संबंध में राजेश्वर से बातचीत करने जाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उनके बेटे की मौत की खबर आ गई। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी उन्हें रात करीब 12 बजे मिली, जब वह बाहर से घर लौटे थे। बेटे की मौत की सूचना से परिवार में शोक फैल गया।
बेटे की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक के पिता ने पुलिस से मांग की है कि इंद्रजीत की मौत के पीछे की परिस्थितियों की गंभीरता से जांच की जाए। उन्होंने आशंका जताई कि कथित मानसिक प्रताड़ना के कारण उनका बेटा तनाव में था। पिता का कहना है कि बेटे ने कई बार अपनी परेशानी बताई थी, इसलिए इन शिकायतों की जांच जरूरी है। परिवार चाहता है कि मामले में सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं और सच्चाई सामने लाई जाए।
उरगा पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद उरगा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि छात्र किन परिस्थितियों से गुजर रहा था और पिता द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल किसी व्यक्ति को छात्र की मौत का जिम्मेदार ठहराने की पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इंद्रजीत की असमय मौत से परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।