Durg. दुर्ग। अपराधों की बेहतर जांच, साक्ष्य संकलन और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के लिए दुर्ग पुलिस के 16 अधिकारी एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। भिलाई स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में 24 अगस्त को आयोजित सम्मान समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने चयनित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और निर्धारित पुरस्कार प्रदान किए। समारोह के माध्यम से पुलिसकर्मियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य आधारित विवेचना को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। दुर्ग पुलिस द्वारा अपराधों की विवेचना में गुणवत्ता बढ़ाने और विधिक प्रक्रिया का सही ढंग से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। सम्मानित अधिकारी एवं कर्मचारी जिले के विभिन्न थानों और पुलिस इकाइयों में पदस्थ हैं। उन्होंने अलग-अलग आपराधिक प्रकरणों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए उपलब्ध तथ्यों का विश्लेषण, साक्ष्यों का संकलन और जरूरी कानूनी कार्रवाई समय पर पूरी की।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अपराध के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के साथ प्रकरण की निष्पक्ष और मजबूत विवेचना भी महत्वपूर्ण होती है। घटनास्थल से भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने, गवाहों के बयान दर्ज करने, तकनीकी प्रमाणों का परीक्षण करने और न्यायालय के समक्ष तथ्य प्रस्तुत करने से ही प्रकरण को कानूनी रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सम्मानित सभी पुलिसकर्मियों के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विवेचना के दौरान छोटी से छोटी जानकारी और साक्ष्य पर ध्यान देना आवश्यक है। जांच में किसी प्रकार की लापरवाही से पूरा प्रकरण प्रभावित हो सकता है। पुलिस अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में विवेचना पूरी करने और हर स्तर पर कानून के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए।

सम्मान पाने वालों में जामगांव (आर) थाना प्रभारी निरीक्षक बसंत बघेल और कुम्हारी थाना प्रभारी उप निरीक्षक पुरुषोत्तम कुर्रे शामिल हैं। इनके अलावा पुलगांव थाने में पदस्थ उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा, सुपेला थाने के उप निरीक्षक चितराम ठाकुर, बोरी थाने के उप निरीक्षक सुरेंद्र नारम और उतई थाने के उप निरीक्षक श्रीराम पेंड्रो को भी सम्मानित किया गया। यातायात थाने में पदस्थ उप निरीक्षक दरबारी राम तोरम और पद्मनाभपुर थाने के उप निरीक्षक मनीष बाजपेई को भी उत्कृष्ट अपराध विवेचना के लिए प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किया गया। पुलिस अधिकारियों ने इन सभी के अनुसंधान संबंधी कार्यों और प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण की सराहना की। सहायक उप निरीक्षकों में कुम्हारी थाने के सुभाष कोसुर, एसीसीयू दुर्ग के लखन लाल साहू, वैशाली नगर थाने के मुरलीधर कश्यप और शशिकला साहू को सम्मान मिला।

छावनी थाने के सहायक उप निरीक्षक इतवारी राम डहरे, दुर्ग थाने के रामकृष्ण तिवारी और खंड दुर्ग में पदस्थ जितेंद्र चंद्राकर को भी उनके कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। रक्षा टीम की प्रभारी सहायक उप निरीक्षक मीरा वर्मा भी सम्मानित पुलिसकर्मियों में शामिल रहीं। कार्यक्रम में बताया गया कि सभी चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कार्यक्षेत्र में दर्ज आपराधिक मामलों की विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाने, तथ्यों की जांच करने और विधिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने में प्रभावी कार्य किया। उनके द्वारा तैयार
प्रकरणों में दस्तावेजों
और अन्य प्रमाणों का व्यवस्थित संकलन किया गया, जिससे जांच को गुणवत्तापूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने में सहायता मिली। वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मानित पुलिसकर्मियों से भविष्य में भी निष्ठा, लगन और जिम्मेदारी के साथ कार्य जारी रखने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि बेहतर विवेचना से पीड़ित को न्याय दिलाने के साथ अपराधियों को अदालत से सजा दिलाने में सहायता मिलती है। ऐसे कार्यों को सम्मानित करने से अन्य पुलिसकर्मियों को भी गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए प्रोत्साहन मिलता है। दुर्ग पुलिस ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से प्रत्येक प्रकरण की विवेचना में निष्पक्षता, पारदर्शिता और साक्ष्य आधारित अनुसंधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपेक्षा की है। नागरिकों से भी अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी तत्काल पुलिस को देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की
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