चकाई। थाना क्षेत्र के नगड़ी गांव में मंगलवार सुबह मधुमक्खियों के झुंड के हमले में 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना मिशन रोड स्थित मिशन तालाब के बहियार की है। दंपती रोज की तरह मवेशियों को चराने और गाय बांधने के लिए बहियार गए थे। इसी दौरान झाड़ी में मौजूद मधुमक्खियों के छत्ते से अचानक बड़ी संख्या में मधुमक्खियां निकल आईं और दोनों पर हमला कर दिया।
मृतका की पहचान नगड़ी गांव निवासी 60 वर्षीय मुद्रिका देवी के रूप में हुई है। वहीं उनके पति पेरू राणा भी मधुमक्खियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए देवघर ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना गांव में पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह पेरू राणा अपनी पत्नी मुद्रिका देवी के साथ रोज की तरह मवेशियों को लेकर मिशन तालाब के बहियार की ओर गए थे। वहां पहुंचने के बाद दोनों गाय को बांधने की तैयारी करने लगे। पेरू राणा खूंटा गाड़ रहे थे और इसी दौरान पास की झाड़ी में मौजूद मधुमक्खियों के छत्ते से अचानक मधुमक्खियों का झुंड बाहर निकल आया।
कुछ ही क्षणों में मधुमक्खियों ने पति-पत्नी को घेर लिया और उन पर हमला करना शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले के कारण दोनों को संभलने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचने का मौका नहीं मिला। बड़ी संख्या में मधुमक्खियों के डंक लगने से दोनों की हालत बिगड़ने लगी।
घटना के समय बहियार में मौजूद लोगों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वे मदद के लिए पहुंचे। मधुमक्खियों का झुंड होने के कारण लोगों को भी दंपती तक पहुंचने में परेशानी हुई। किसी तरह दोनों को वहां से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
मधुमक्खियों के हमले के बाद मुद्रिका देवी की हालत तेजी से बिगड़ गई। उन्हें बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। वहीं पेरू राणा की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें इलाज के लिए देवघर भेजा गया। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।
मुद्रिका देवी की मौत की खबर जैसे ही नगड़ी गांव पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर के पास जमा हो गए। सुबह घर से रोजमर्रा के काम के लिए निकले दंपती के साथ हुई इस घटना से परिवार के साथ पूरा गांव स्तब्ध रह गया।
परिजनों के अनुसार पेरू राणा और उनकी पत्नी नियमित रूप से मवेशियों को लेकर बहियार जाते थे। मंगलवार को भी दोनों ने सामान्य दिनों की तरह ही अपनी दिनचर्या शुरू की थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि गाय बांधने के दौरान अचानक मधुमक्खियों का झुंड उन पर हमला कर देगा।
बताया जा रहा है कि जिस जगह दंपती गाय बांध रहे थे, उसके पास झाड़ियों में मधुमक्खियों का छत्ता था। खूंटा गाड़ने के दौरान हुई हलचल से मधुमक्खियां अचानक बाहर निकल आईं। इसके बाद झुंड ने दंपती को घेर लिया।
मधुमक्खियों का हमला कई बार बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। एक साथ बड़ी संख्या में डंक लगने से शरीर में गंभीर प्रतिक्रिया हो सकती है। कुछ लोगों में मधुमक्खी के डंक से तेज एलर्जी भी हो सकती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, सूजन, चक्कर आने और बेहोशी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे मामलों में तत्काल चिकित्सकीय सहायता जरूरी होती है।
नगड़ी गांव की इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में खेत, बहियार और झाड़ियों के आसपास काम करने वाले लोगों के लिए भी सतर्कता की जरूरत सामने रखी है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां पेड़ों या झाड़ियों में मधुमक्खियों के बड़े छत्ते मौजूद हों, वहां अचानक हलचल होने से मधुमक्खियां आक्रामक हो सकती हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी मधुमक्खियों के छत्ते को लेकर चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि खेत और बहियार में मवेशी चराने तथा खेती से जुड़े कामों के कारण लोगों का नियमित आना-जाना होता है। ऐसे में बड़े छत्तों के आसपास सावधानी बरतना जरूरी है।
मधुमक्खियों के हमले के दौरान भागते समय हाथ-पैर चलाकर उन्हें मारने की कोशिश करने से हमला और तेज हो सकता है। विशेषज्ञ आम तौर पर ऐसी स्थिति में चेहरे और सिर को ढकते हुए जल्द से जल्द किसी बंद या सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की सलाह देते हैं। गंभीर डंक लगने या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।
मुद्रिका देवी की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ परिवार महिला की अचानक हुई मौत से सदमे में है, वहीं दूसरी ओर पेरू राणा के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है। देवघर में उनका इलाज जारी है और परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के गांवों में भी इसकी चर्चा फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार इस तरह मधुमक्खियों के झुंड का अचानक हमला बेहद भयावह होता है और कुछ ही मिनटों में स्थिति गंभीर हो सकती है।
मंगलवार सुबह हुई इस घटना ने नगड़ी गांव का माहौल गमगीन कर दिया। रोज की तरह गाय बांधने बहियार गए पति-पत्नी में से मुद्रिका देवी वापस घर नहीं लौट सकीं, जबकि उनके पति अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
परिवार के सदस्य इस अप्रत्याशित घटना से गहरे सदमे में हैं। गांव के लोग भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। वहीं बहियार और आसपास काम करने वाले लोगों से मधुमक्खियों के छत्तों के पास विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है, ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।