ओवैसी का वार, 35 साल से वही चेहरे सत्ता में

Update: 2025-10-28 18:55 GMT
Motihari (Bihar) मोतिहारी (बिहार)। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार की राजनीति पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने राज्य में लालू प्रसाद यादव परिवार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “बिहार की सत्ता पिछले 35 साल से कुछ ही लोगों के हाथों में रही है। 15 साल तक लालू परिवार ने शासन किया और 20 साल से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं। तेजस्वी यादव भी दो बार उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं — अब जनता को सोचना होगा कि इस राजनीति में हमारी भूमिका कहां है?”
ओवैसी मंगलवार को मोतिहारी में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को बार-बार उन्हीं चेहरों के बीच चुनाव का विकल्प दिया जा रहा है, जिन्होंने दशकों तक सत्ता संभाली लेकिन आम लोगों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ने 20 साल तक राज किया, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति आज भी खराब है। लालू परिवार के शासन में भी मुसलमानों और पिछड़े वर्गों के हालात नहीं बदले। अब जनता से मैं पूछता हूं — क्या बिहार में कोई नया विकल्प नहीं हो सकता?”
AIMIM प्रमुख ने उठाए रोजगार और विकास के मुद्दे
ओवैसी ने कहा कि बिहार में करोड़ों युवा रोजगार के लिए दिल्ली, मुंबई और पंजाब जा रहे हैं। “अगर बिहार के नेता सच में गरीबों के हितैषी होते, तो हमारे नौजवान आज भीख नहीं मांगते, बल्कि अपने राज्य में इज्जत से काम कर रहे होते। सत्ता में रहने वालों ने सिर्फ अपने परिवारों को मजबूत किया, जनता को नहीं,” उन्होंने कहा।
नीतीश और तेजस्वी दोनों पर निशाना
ओवैसी ने बिहार के सत्तारूढ़ गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि “नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव बार-बार एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं, लेकिन सत्ता की कुर्सी आते ही फिर साथ हो जाते हैं। जनता को अब समझना होगा कि यह सिर्फ कुर्सी की राजनीति है, सेवा की नहीं।”
उन्होंने AIMIM को बिहार में “वास्तविक विकल्प” बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी जाति और धर्म से ऊपर उठकर गरीबों की आवाज बनेगी। “हम किसी के इशारे पर नहीं चलेंगे, बल्कि हर उस तबके की बात करेंगे जिसे आज तक नजरअंदाज किया गया,” ओवैसी ने कहा।
राजनीतिक हलचल तेज
ओवैसी के इस बयान के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। कई विश्लेषकों का मानना है कि AIMIM प्रमुख का यह बयान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन के लिए चुनौती बन सकता है।
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