पटना। बिहार सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। इस योजना के तहत राज्य के 2.57 लाख युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जुड़े विशेष प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को बदलती तकनीक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है।
कुशल युवा कार्यक्रम बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण कौशल विकास योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार योग्य बनाना है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को संचार कौशल, कंप्यूटर ज्ञान और व्यवहारिक कौशल से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे नौकरी और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
सरकार का मानना है कि वर्तमान समय में रोजगार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। नई तकनीकों के आने से उद्योगों में भी नई तरह की दक्षताओं की जरूरत बढ़ी है। ऐसे में युवाओं को समय के साथ अपडेट रखना जरूरी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कुशल युवा कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अगले पांच वर्षों में बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में दक्ष बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और वे देश-विदेश की कंपनियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।
कैबिनेट बैठक में केवल कुशल युवा कार्यक्रम से जुड़ा प्रस्ताव ही नहीं, बल्कि कुल 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर अपनी सहमति दी। हालांकि अन्य प्रस्तावों का विस्तृत विवरण विभागवार जारी किया जाएगा।
बिहार में लंबे समय से युवाओं के रोजगार और कौशल विकास को लेकर योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार का मानना है कि केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं के पास रोजगार से जुड़े व्यावहारिक कौशल भी होने चाहिए। इसी सोच के तहत कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कुशल युवा कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नौकरी के लिए जरूरी बुनियादी क्षमताएं विकसित करने का अवसर मिलता है। कंप्यूटर की जानकारी, संवाद कौशल और व्यक्तित्व विकास जैसे प्रशिक्षण युवाओं को प्रतियोगी माहौल में आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार बाजार में तकनीकी बदलाव तेजी से हो रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल सेवाओं और आधुनिक उद्योगों के विस्तार के बीच युवाओं को नई तकनीकों की जानकारी देना जरूरी हो गया है। ऐसे में सरकार की यह पहल युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने में मददगार साबित हो सकती है।
बिहार सरकार की इस योजना से ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं के पास रोजगार और स्वरोजगार के नए विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। कौशल विकास के जरिए न केवल युवाओं की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
फिलहाल कैबिनेट के फैसले के बाद कुशल युवा कार्यक्रम को लेकर युवाओं में उम्मीद बढ़ी है। आने वाले समय में योजना के तहत प्रशिक्षण की प्रक्रिया, आवेदन और चयन से जुड़ी जानकारी जारी की जाएगी।