नरकटियागंज : रेलवे स्टेशन परिसर में मंगलवार को रंगाई-पुताई का काम कर रहे एक मजदूर के लिए करीब 35 फीट की ऊंचाई पर चढ़ना जानलेवा साबित हुआ। पावर हाउस के समीप रेलवे की पानी टंकी की रंगाई के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से मजदूर नीचे गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद रेलवे स्टेशन परिसर में अफरातफरी मच गई।

मृतक की पहचान शिकारपुर थाना क्षेत्र के धूमनगर गांव के वार्ड संख्या चार निवासी 52 वर्षीय विक्रम मुखिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विक्रम अन्य मजदूरों के साथ रेलवे की पानी टंकी पर रंगाई-पुताई का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वह करीब 35 फीट नीचे जा गिरे।

पानी टंकी पर चल रहा था रंगाई का काम

जानकारी के मुताबिक रेलवे स्टेशन परिसर में पावर हाउस के पास स्थित पानी टंकी की रंगाई-पुताई कराई जा रही थी। मंगलवार को विक्रम मुखिया अपने साथी मजदूरों के साथ काम करने पहुंचे थे।

रंगाई करने के लिए मजदूरों को टंकी के ऊपरी हिस्से तक चढ़ना पड़ रहा था। विक्रम भी करीब 35 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर रंगाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया।

साथी मजदूर कुछ समझ पाते, उससे पहले ही विक्रम ऊंचाई से नीचे गिर गए। जमीन पर गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना होते ही आसपास मौजूद मजदूर उनकी मदद के लिए दौड़े।

अस्पताल लेकर दौड़े साथी मजदूर

हादसे के बाद मौके पर मौजूद साथी मजदूरों ने विक्रम को उठाया और तत्काल इलाज के लिए रेलवे अस्पताल पहुंचाया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण परिजन और अन्य लोग उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल लेकर गए।

अस्पताल में चिकित्सक ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया।

काम पर गए विक्रम के वापस घर लौटने के बजाय उनकी मौत की खबर पहुंचने से परिजनों को गहरा सदमा लगा।

35 फीट की ऊंचाई से गिरे विक्रम

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब विक्रम पानी टंकी पर रंगाई कर रहे थे। करीब 35 फीट की ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं।

इतनी ऊंचाई पर काम करते समय सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल बेहद महत्वपूर्ण होता है। हालांकि हादसे के समय मजदूर ने सेफ्टी बेल्ट, हार्नेस, हेलमेट या अन्य सुरक्षा उपकरण पहने थे या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

इसलिए सुरक्षा उपकरणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना फिलहाल उचित नहीं होगा। हादसे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी थी या घटना अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण हुई।

धूमनगर गांव के रहने वाले थे विक्रम

मृतक विक्रम मुखिया शिकारपुर थाना क्षेत्र के धूमनगर गांव के वार्ड संख्या चार के निवासी थे। उनकी उम्र करीब 52 वर्ष बताई गई है।

विक्रम मजदूरी कर अपने परिवार की आजीविका चलाते थे। मंगलवार को भी वह रोज की तरह काम करने के लिए रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचे थे, लेकिन पानी टंकी पर काम करते समय हुए हादसे ने उनकी जान ले ली।

उनकी मौत की जानकारी मिलने के बाद गांव और परिवार में शोक का माहौल है।

हादसे के बाद काम कर रहे मजदूरों में दहशत

साथी मजदूर को अचानक इतनी ऊंचाई से गिरता देखकर वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों में भी दहशत फैल गई। कुछ देर के लिए घटनास्थल पर अफरातफरी की स्थिति बन गई।

मजदूरों ने तत्काल काम छोड़कर घायल साथी को अस्पताल पहुंचाने पर ध्यान दिया। लेकिन गंभीर चोटों के कारण विक्रम को बचाया नहीं जा सका।

घटना के बाद वहां मौजूद मजदूरों से भी हादसे के संबंध में जानकारी ली जा सकती है। उनके बयान से यह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी कि विक्रम का संतुलन किस परिस्थिति में बिगड़ा।

ऊंचाई पर काम के दौरान सुरक्षा अहम

पानी की टंकियों, ऊंची इमारतों और अन्य संरचनाओं की रंगाई-पुताई जैसे कामों में मजदूरों को काफी ऊंचाई पर काम करना पड़ता है। ऐसे कामों के दौरान गिरने का खतरा बना रहता है।

इसी वजह से ऊंचाई पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए सेफ्टी हार्नेस, मजबूत रस्सी, हेलमेट, सुरक्षित प्लेटफॉर्म और अन्य सुरक्षा उपकरण महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ सकता है कि रेलवे परिसर में काम कर रहे मजदूरों के लिए सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे। इसका जवाब संबंधित विभाग या जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

ठेके के तहत हो रहा था काम या नहीं जांच का विषय

रेलवे की पानी टंकी की रंगाई-पुताई किस एजेंसी या व्यवस्था के तहत कराई जा रही थी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

यदि काम किसी ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा था तो श्रमिकों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध कराए गए उपकरणों और काम के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

इसके साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि मजदूरों को ऊंचाई पर काम करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराई गई थी या नहीं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

52 वर्षीय विक्रम की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुबह काम पर निकले व्यक्ति की कुछ ही घंटों बाद मौत की खबर मिलने से परिजन सदमे में हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे। मजदूर की मौत के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

हादसे को लेकर साथी मजदूरों में भी शोक है। उनके सामने ही विक्रम ऊंचाई से नीचे गिरे थे और उन्होंने उन्हें बचाने का प्रयास करते हुए अस्पताल पहुंचाया था।

जांच से साफ होगी हादसे की वजह

फिलहाल प्रारंभिक तौर पर मजदूर का संतुलन बिगड़ने के कारण नीचे गिरने की बात सामने आई है। हादसे की वास्तविक वजह विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी।

यह भी जांच का विषय हो सकता है कि पानी टंकी पर रंगाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं।

रेलवे स्टेशन परिसर में हुई इस घटना ने ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने ला दिया है। करीब 35 फीट की ऊंचाई से गिरने के बाद विक्रम मुखिया की मौत ने उनके परिवार के साथ साथी मजदूरों को भी गहरा सदमा दिया है।

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