भागलपुर: बिहार के भागलपुर के चर्चित रौनक केडिया हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब दो साल बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्या के दो मुख्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद पूरी हुई है। यह मामला 7 अगस्त 2024 की रात का है, जब भागलपुर के प्रमुख दवा कारोबारी बलराम केडिया के 22 वर्षीय बेटे रौनक केडिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रौनक रोज की तरह दुकान बंद करने के बाद घर लौट रहा था, तभी शनि मंदिर वाली गली में पहले से घात लगाए अपराधियों ने उस पर हमला कर दिया।

सिर पर दागी गई थीं छह गोलियां
हमलावरों ने रौनक के सिर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ छह गोलियां मारी थीं। घटना के बाद जब उसके पिता बलराम केडिया मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बेटे को खून से लथपथ हालत में पाया। पिता ने मदद के लिए आवाज लगाई और पानी पिलाने की गुहार लगाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रौनक की मौत हो गई।
दो आरोपियों को उम्रकैद
अदालत ने मामले में अमित कुमार सिंह उर्फ अमित मंडल और आलोक राज को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी दोनों दोषियों को सात-सात साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। तीसरे आरोपी अजीत कुमार उर्फ अंबका को भी आर्म्स एक्ट के तहत सजा दी गई है।
जांच में सामने आए थे कई सुराग
हत्या के बाद पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया था। वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी जांच और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला अदालत में पहुंचा, जहां लंबी सुनवाई के बाद फैसला आया।
परिवार और व्यापारियों में था आक्रोश
रौनक केडिया की हत्या के बाद भागलपुर के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी। लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की थी। अदालत के फैसले के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है। यह मामला भागलपुर में अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर लंबे समय तक चर्चा में रहा। अदालत के फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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