नरकटियागंज । बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में दुर्गा पूजा के दौरान प्रशासन की कार्रवाई को लेकर रविवार को जमकर हंगामा हुआ। शहर के देवी स्थान मंदिर प्रांगण में बने दुर्गा पूजा पंडाल से साउंड सिस्टम जब्त किए जाने के बाद श्रद्धालुओं और पूजा समिति के सदस्यों में नाराजगी फैल गई। विरोध में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना बंद कर दी और पंडाल का मुख्य द्वार बंद कर सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और शहर के अन्य पूजा पंडालों की समितियां भी विरोध में उतर आईं। गौशाला प्रांगण पूजा समिति ने भी समर्थन में पूजा बंद कर दी। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा नाराज लोगों को समझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, अंतिम जानकारी मिलने तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई थी।
साउंड सिस्टम जब्त करने से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, नरकटियागंज के देवी स्थान मंदिर परिसर में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा था।
पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं के दर्शन और धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की गई थी। इसी बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने पंडाल में लगे साउंड सिस्टम को लेकर कार्रवाई की।
पूजा समिति के सदस्यों का कहना है कि पंडाल में तेज आवाज में डीजे नहीं बजाया जा रहा था। इसके बावजूद प्रशासन ने साउंड सिस्टम जब्त कर लिया।
समिति ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए विरोध जताया।
इस घटना के बाद पूजा स्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं में नाराजगी फैल गई और कुछ ही समय में मामला विरोध प्रदर्शन में बदल गया।
पूजा समिति ने प्रशासन पर लगाया ज्यादती का आरोप
देवी स्थान पूजा समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना उचित कारण साउंड सिस्टम जब्त किया।
समिति के अनुसार, पूजा पंडाल में साउंड बॉक्स के माध्यम से कम आवाज में धार्मिक कार्यक्रमों का प्रसारण किया जा रहा था।
इसके साथ ही श्रद्धालुओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़े संदेश और देवी-देवताओं पर आधारित कार्यक्रम भी दिखाए जा रहे थे।
समिति का दावा है कि इस दौरान ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाला डीजे नहीं बज रहा था।
इसी बीच नरकटियागंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और उनके आदेश पर साउंड सिस्टम जब्त कर लिया गया।
समिति के सदस्यों ने प्रशासन से कार्रवाई का कारण स्पष्ट करने की मांग की।
हालांकि, साउंड सिस्टम जब्त करने के पीछे पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है।
नाराज श्रद्धालुओं ने बंद किया पूजा पंडाल का गेट
साउंड सिस्टम जब्त होने के बाद देवी स्थान मंदिर प्रांगण में माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पूजा समिति और श्रद्धालुओं ने विरोध स्वरूप पूजा-अर्चना रोकने का निर्णय लिया।
इसके बाद पंडाल का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। मंदिर परिसर में पूजा के लिए पहुंचे लोगों को इस घटनाक्रम के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
आक्रोशित श्रद्धालु पंडाल के सामने सड़क पर बैठ गए और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करने लगे।
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए जब्त साउंड सिस्टम के मामले में उचित समाधान की मांग की।
श्रद्धालुओं का कहना था कि धार्मिक आयोजन के दौरान प्रशासन को पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
सड़क पर बैठकर जताया विरोध
देवी स्थान मंदिर परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।
प्रदर्शनकारियों के सड़क पर बैठने से आसपास के क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
पूजा समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की।
उनका कहना था कि दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे।
ऐसे में साउंड सिस्टम जब्त किए जाने से पूजा की व्यवस्था प्रभावित हुई।
इस दौरान विरोध प्रदर्शन को देखते हुए आसपास के लोगों की भीड़ भी जमा होने लगी।
हालांकि, प्रदर्शन से यातायात कितनी देर प्रभावित रहा, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
दूसरी पूजा समितियां भी समर्थन में उतरीं
देवी स्थान पूजा समिति का विरोध केवल एक पंडाल तक सीमित नहीं रहा।
घटना की जानकारी मिलने के बाद गौशाला प्रांगण पूजा समिति के सदस्य भी विरोध में शामिल हो गए।
गौशाला प्रांगण में भी पूजा-अर्चना रोककर प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई गई।
इससे विवाद ने व्यापक रूप ले लिया और शहर के अन्य पूजा आयोजकों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई।
दो पूजा समितियों के विरोध में आने से प्रशासन के सामने स्थिति को सामान्य बनाने की चुनौती बढ़ गई।
पूजा समितियों का कहना था कि धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन को लेकर प्रशासन और आयोजकों के बीच संवाद आवश्यक है।
मौके पर पहुंचे बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्ष
साउंड सिस्टम जब्ती को लेकर बढ़ते विरोध की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया।
नरकटियागंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी सूरज कुमार सिंह, अंचलाधिकारी शमन प्रकाश और शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे श्रद्धालुओं और पूजा समिति के पदाधिकारियों से बातचीत की।
प्रशासन की ओर से नाराज लोगों को समझाने और स्थिति शांत करने का प्रयास किया गया।
अधिकारियों ने विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाने की कोशिश की।
हालांकि, तत्काल किसी अंतिम समझौते या साउंड सिस्टम वापस किए जाने की पुष्टि नहीं हुई थी।
नवरात्रि के बीच तनाव से बढ़ी चिंता
शारदीय नवरात्रि के दौरान नरकटियागंज के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है।
इस दौरान धार्मिक कार्यक्रम, आरती और अन्य आयोजन किए जाते हैं।
ऐसे में पूजा पंडाल में किसी विवाद के कारण पूजा-अर्चना रुकना श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय बन गया।
देवी स्थान मंदिर और गौशाला प्रांगण पूजा समिति द्वारा पूजा रोकने के फैसले से धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।
श्रद्धालुओं की मांग थी कि विवाद का जल्द समाधान किया जाए, ताकि पूजा कार्यक्रम सामान्य तरीके से संचालित हो सकें।
ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन भी जरूरी
दुर्गा पूजा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में साउंड सिस्टम का उपयोग करने के दौरान निर्धारित ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों के तहत लाउडस्पीकर और सार्वजनिक ध्वनि प्रसारण उपकरणों के उपयोग के लिए निर्धारित शर्तें लागू होती हैं।
स्थानीय प्रशासन को सार्वजनिक व्यवस्था और नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने का अधिकार है।
वहीं, आयोजकों का कहना है कि उनके पंडाल में केवल कम आवाज में धार्मिक तथा सामाजिक संदेशों का प्रसारण किया जा रहा था।
इस मामले में वास्तविक ध्वनि स्तर, अनुमति की शर्तें और कार्रवाई का आधार स्पष्ट होना आवश्यक है।
तभी यह तय किया जा सकेगा कि साउंड सिस्टम जब्त करने की कार्रवाई किन नियमों के तहत की गई थी।
प्रशासन और पूजा समितियों के बीच बातचीत जारी
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने पूजा समितियों से संवाद शुरू किया।
अधिकारियों का प्रयास था कि नाराज श्रद्धालुओं को समझाकर धार्मिक कार्यक्रमों को सामान्य कराया जाए।
विरोध कर रहे लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी आपत्तियां रखीं और कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
इस दौरान पुलिस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए थी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट आने तक विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था।
किसी गिरफ्तारी या हिंसक झड़प की पुष्टि नहीं हुई है।
समाधान होने पर ही सामान्य होगी पूजा व्यवस्था
नरकटियागंज में साउंड सिस्टम जब्ती से शुरू हुआ विवाद अब प्रशासन और पूजा समितियों के बीच बातचीत का विषय बन गया है।
एक ओर प्रशासन के सामने नियमों का पालन और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालु पूजा-अर्चना की व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
दो पूजा समितियों के विरोध में उतरने से मामला अधिक संवेदनशील हो गया है।
अब प्रशासनिक अधिकारियों और पूजा आयोजकों के बीच बातचीत के परिणाम पर सभी की नजर है।
फिलहाल देवी स्थान मंदिर परिसर में शुरू हुआ विवाद नवरात्रि के दौरान चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।