भागलपुर में कर्मा-धर्मा त्योहार के दौरान दर्दनाक हादसा, तालाब में डूबने से छह बच्चों की मौत
भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में सोमवार को कर्मा-धर्मा त्योहार के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के तराइता बहियार स्थित एक तालाब में नहाने गए छह बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में तीन लड़कियां और तीन लड़के शामिल हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में मातम फैल गया। त्योहार की खुशियां कुछ ही देर में चीख-पुकार और दुख में बदल गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। बताया गया कि बच्चे कर्मा-धर्मा त्योहार के अवसर पर धार्मिक स्नान करने के लिए तालाब पर पहुंचे थे। इसी दौरान नहाते समय यह हादसा हो गया।
एक बच्चे को बचाने में छह की गई जान
पुलिस के अनुसार, बच्चे तालाब में नहा रहे थे। इसी दौरान उनमें से एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
उसे बचाने के प्रयास में बाकी बच्चे भी पानी में कूद गए। लेकिन तालाब की गहराई अधिक होने के कारण सभी बच्चे पानी में डूब गए।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव का प्रयास शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में:
पूजा कुमारी (13 वर्ष)
राहुल कुमार (14 वर्ष)
विकास कुमार (13 वर्ष)
आयुष कुमार (12 वर्ष)
मीनाक्षी कुमारी उर्फ मिंकी (12 वर्ष)
ज्योति कुमारी (14 वर्ष)
शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन मौके पर पहुंचे और बच्चों के शव देखकर बेसुध हो गए।
त्योहार की खुशियां बदली मातम में
कर्मा-धर्मा त्योहार के मौके पर बच्चे धार्मिक परंपरा के तहत तालाब में स्नान करने गए थे। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह खुशी का अवसर इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों के डूबने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग तालाब के पास पहुंच गए। लोगों ने बचाव कार्य में मदद की, लेकिन बच्चों को बचाया नहीं जा सका।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद सुल्तानगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि तालाब की वास्तविक गहराई कितनी थी और वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम थे।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
ग्रामीणों में शोक का माहौल
इस हादसे के बाद तराइता बहियार और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। जिन बच्चों की मौत हुई, वे सभी आसपास के क्षेत्र के रहने वाले थे।
ग्रामीणों का कहना है कि त्योहार के दिन ऐसी घटना की किसी ने कल्पना नहीं की थी। पूरे गांव में लोग इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।
जल स्रोतों में सावधानी की जरूरत
बारिश के मौसम और त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग तालाब, नदी और अन्य जल स्रोतों में स्नान करने जाते हैं। ऐसे में गहरे पानी वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
भागलपुर की इस घटना ने एक बार फिर जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटा है। छह बच्चों की मौत से पूरे इलाके में शोक व्याप्त है।