Bihar: नेपाल के प्रसिद्ध चितवन नेशनल पार्क के मुख्य कोर एरिया में चलने वाली जंगल सफारी सेवा को मानसून के चलते बुधवार से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। पार्क प्रशासन ने यह फैसला पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लिया है। हालांकि सामुदायिक वनों में पर्यटन गतिविधियां पहले की तरह जारी रहेंगी।
Chitwan National Park नेपाल का सबसे प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल माना जाता है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक जंगल सफारी के लिए पहुंचते हैं। यहां जीप सफारी और पैदल सफारी के जरिए पर्यटक गैंडा, बाघ, हाथी, मगरमच्छ और कई दुर्लभ पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अनुभव लेते हैं।
मानसून में क्यों बंद की गई सफारी
पार्क प्रशासन के सूचना अधिकारी अविनाश थापामगर ने बताया कि बारिश के मौसम में जंगल के भीतर कई तरह की जोखिमपूर्ण परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं। लगातार वर्षा के कारण नदी-नाले उफान पर रहते हैं, कई कच्चे रास्ते बह जाते हैं और कई जगह पेड़ गिरने से रास्ते पूरी तरह अवरुद्ध हो जाते हैं।
ऐसी स्थिति में पर्यटकों की आवाजाही सुरक्षित नहीं रहती। जंगल के भीतर वाहन फंसने या दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है। इन्हीं कारणों को देखते हुए कोर एरिया में सफारी को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया है।
वन्यजीवों के संरक्षण को भी प्राथमिकता
मानसून का समय वन्यजीवों के लिए प्रजनन काल भी माना जाता है। इस दौरान जानवर और पक्षी अधिक संवेदनशील रहते हैं और उन्हें शांत वातावरण की जरूरत होती है। लगातार मानव गतिविधियों से उनके प्राकृतिक व्यवहार और प्रजनन प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
पार्क प्रशासन का कहना है कि सफारी बंद रखने से वन्यजीवों को बिना किसी व्यवधान के प्राकृतिक माहौल में रहने का अवसर मिलता है। इससे जैव विविधता के संरक्षण में भी मदद मिलती है। हर वर्ष मानसून में इसी नीति के तहत कोर एरिया में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है।
कब तक बंद रहेगी सफारी
अधिकारियों के अनुसार यह बंदी अस्थायी है। मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद जंगल सफारी सेवा फिर से शुरू की जाएगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि दशहरा पर्व के आसपास सफारी दोबारा शुरू हो सकती है, लेकिन यह पूरी तरह मौसम और जंगल की स्थिति पर निर्भर करेगा। फिलहाल मुख्य कोर एरिया में जीप सफारी और पैदल सफारी दोनों पूरी तरह बंद रहेंगे। जब तक अगली आधिकारिक सूचना जारी नहीं होती, तब तक पर्यटकों को इस क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सामुदायिक वनों में जारी रहेगा भ्रमण
कोर एरिया में रोक के बावजूद पार्क के आसपास के सामुदायिक वन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी। इन इलाकों में सीमित स्तर पर जंगल भ्रमण और सफारी का संचालन होता रहेगा। इससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को आंशिक रूप से राहत मिलती रहेगी और पर्यटकों को भी जंगल का अनुभव लेने का अवसर मिलता रहेगा।
पर्यटन पर असर की संभावना
चितवन नेशनल पार्क में हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक सफारी के लिए आते हैं। सौराहा, कसरा, मेघौली, माडी और नवलपरासी जैसे प्रवेश द्वारों से जीप सफारी के माध्यम से जंगल भ्रमण कराया जाता है। मानसून में कोर एरिया बंद होने से पर्यटकों की संख्या और पर्यटन गतिविधियों में गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय होटल व्यवसाय, गाइड, जीप संचालक और पर्यटन से जुड़े अन्य लोगों की आय पर भी इसका असर पड़ सकता है। हालांकि सामुदायिक वनों में सीमित पर्यटन जारी रहने से कुछ हद तक आर्थिक गतिविधियां बनी रहेंगी।
पर्यटकों को सुरक्षा को प्राथमिकता
पार्क प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा आधारित है। जंगल में बदलते मौसम के कारण किसी भी तरह की दुर्घटना से बचाव के लिए यह कदम जरूरी था। अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों का संरक्षण दोनों ही उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निष्कर्ष
मानसून के दौरान चितवन नेशनल पार्क के कोर एरिया में सफारी बंद होना एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। यह निर्णय पर्यटकों की सुरक्षा, जंगल की स्थिति और वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखकर लिया गया है। मौसम सामान्य होते ही एक बार फिर यह प्रसिद्ध जंगल सफारी पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी।