बिहार, किशनगंज: गिरफ्तार किए गए दो बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में खुफिया ब्यूरो (IB) की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले को सिर्फ अवैध घुसपैठ तक सीमित नहीं मान रही हैं, बल्कि इसके पीछे फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क और सीमा पार से संचालित गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार बांग्लादेशी महिला शिलांग से फरार होकर किशनगंज पहुंची थी और यहां उसने शादी कर ली थी। वहीं, दूसरे बांग्लादेशी नागरिक ने भारत में रहने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे।
जानकारी के अनुसार, किशनगंज सदर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार बांग्लादेशी महिला तैय्यबा इस्लाम उर्फ तंजीला अख्तर की उम्र करीब 28 वर्ष बताई जा रही है। जांच में पता चला कि महिला पहले भी मेघालय के शिलांग में पकड़ी जा चुकी थी। उस मामले में अदालत ने उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया था और उसे शिलांग से बाहर नहीं जाने का आदेश दिया था। इसके बावजूद वह कथित तौर पर अदालत के आदेश का उल्लंघन करते हुए किशनगंज पहुंच गई।
किशनगंज पहुंचने के बाद महिला ने महीनगांव निवासी जाकिर हुसैन से शादी कर ली और उसके साथ रहने लगी। पुलिस पूछताछ में जाकिर हुसैन ने बताया कि उसका संपर्क महिला से यात्रा के दौरान हुआ था, जिसके बाद दोनों ने निकाह कर लिया। पुलिस ने जाकिर की निशानदेही पर ही महिला को महीनगांव डीलर चौक से गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान महिला ने खुद को बांग्लादेश के नारायणगंज जिले के रूपगंज थाना क्षेत्र की निवासी बताया और अपनी बांग्लादेशी नागरिकता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुई थी और यहां उसके संपर्क किन लोगों से थे।
इस मामले में गिरफ्तार दूसरे बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद हसन शेख उर्फ असनउल्ला मल की उम्र करीब 32 वर्ष बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि उसने कथित तौर पर अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किया था। पूछताछ में उसने बताया कि भारत आने के लिए उसने एक एजेंट को करीब 15 हजार रुपये दिए थे। एजेंट ने उसे असम सेक्टर से भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराई थी।
भारत पहुंचने के बाद हसन शेख ने अपनी पहचान बदलने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि उसने उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के भैरवा थाना क्षेत्र से कथित तौर पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाया। इसके आधार पर उसने आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य भारतीय दस्तावेज तैयार करवा लिए थे। सुरक्षा एजेंसियां अब इन दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रही हैं।
आईबी की पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई है कि हसन शेख कुछ महीने पहले ओमान से भारत लौटा था और यहां से बांग्लादेश जाने की तैयारी में था। भारत में उसने हसन शेख नाम का इस्तेमाल किया, जबकि बांग्लादेश में उसकी पहचान असनउल्ला के नाम से बताई जा रही है। उसके पास मिले दस्तावेजों और गतिविधियों की जांच जारी है।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह की तलाश कर रही हैं। जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि इन दोनों को भारतीय पहचान पत्र उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका रही। इसके अलावा सीमा पार कराने वाले एजेंटों और भारत में इनके संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इनके अलावा और भी लोग इसी तरह भारत में प्रवेश कर फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।