बिजली बिल में खर्च का बोझ घटेगा

Update: 2026-06-30 09:39 GMT

पटना। बिहार के बिजली उपभोक्ताओं और ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने वाली है। राज्य में अब नल-जल योजनाओं को सोलर सिस्टम से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पीएचईडी (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) ने इसको लेकर विस्तृत कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम होगी और संचालन लागत घटेगी।

जानकारी के अनुसार, अगस्त से राज्य की सभी जलापूर्ति योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना और बिजली कटौती के कारण होने वाली समस्याओं को खत्म करना है। अभी कई योजनाएं बिजली बाधित होने या अधिक बिल आने के कारण प्रभावित होती हैं, लेकिन सोलर सिस्टम लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।

पीएचईडी के अधिकारियों का कहना है कि सोलर पैनलों के जरिए पंपों को चलाने के लिए आवश्यक ऊर्जा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही बैटरी बैकअप की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि खराब मौसम या रात के समय भी जलापूर्ति प्रभावित न हो। विभाग ने सभी योजनाओं का सर्वे शुरू कर दिया है और जहां पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी, वहां सोलर पैनल लगाए जाएंगे।

इस योजना से न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि जलापूर्ति व्यवस्था अधिक स्थिर और किफायती भी बनेगी। ग्रामीण इलाकों में नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और संचालन खर्च में भी कमी आएगी।

सरकार पहले ही बीपीएल परिवारों के लिए मुफ्त सौर ऊर्जा पैनल की घोषणा कर चुकी है। अब इस नई पहल से पूरे राज्य में सोलर ऊर्जा आधारित विकास को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना बिहार में ऊर्जा और जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। आने वाले समय में इससे पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास को भी मजबूती मिलेगी।

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