Bihar: भाई की तेरहवीं पर रौशन आनंद का बड़ा बयान, फैजल खान पर गंभीर आरोप | सहरसा में अपने छोटे भाई प्रिंस यादव की तेरहवीं के दौरान ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद ने मीडिया से बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि इसके पीछे साजिश हो सकती है और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
रौशन आनंद ने दावा किया कि उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि अब तक नेपाल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या फैजल खान उर्फ खान सर और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आर एस प्रसाद ने मिलकर करवाई है। हालांकि, इन आरोपों की किसी स्वतंत्र एजेंसी से पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। रौशन आनंद ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि मीडिया में उनके खिलाफ बयानबाजी के आधार पर एफआईआर दर्ज करवाई गई, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई।
रौशन आनंद ने यह भी दावा किया कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें कानूनी प्रक्रिया में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर पुलिस ने सही तरीके से कार्रवाई नहीं की और उनकी ओर से दर्ज कराने की कोशिश की गई एफआईआर भी स्वीकार नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि वे केवल यही चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और सभी पक्षों को न्याय मिले।
रौशन आनंद ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2 जून की रात कोचिंग संस्थान पर हमले के मामले में उनके खिलाफ तेजी से कार्रवाई की गई और कुछ ही घंटों में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उनके अनुसार उनकी शिकायतों पर उसी गति से कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के दौरान मेडिकल जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि उन्हें उचित मेडिकल परीक्षण के बिना फिट घोषित कर जेल भेज दिया गया, जबकि उनका ब्लड प्रेशर अधिक था। उन्होंने इस मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग की।
इस पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है। एक ओर रौशन आनंद न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लगाए गए आरोपों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। फिलहाल मामला संवेदनशील बना हुआ है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।