पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंगलवार को बिहार सरकार और एनडीए के सहयोगी दलों पर आरक्षण के मुद्दे को लेकर जमकर हमला बोला।

अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा से अपील की कि वे बिहार में लागू किए गए 75 प्रतिशत आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं।

NDA नेताओं से तेजस्वी की अपील

तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर एनडीए के नेता वास्तव में आरक्षण के पक्ष में हैं तो उन्हें केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाने की मांग करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बिहार में जातीय गणना के आधार पर आरक्षण की सीमा बढ़ाई गई थी, लेकिन इसे कानूनी सुरक्षा देने के लिए संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करना जरूरी है।

तेजस्वी ने कहा कि एनडीए के सहयोगी दलों को अब अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

आरक्षण पर गंभीर नहीं NDA: तेजस्वी

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि एनडीए के नेता आरक्षण बढ़ाने के मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं आरक्षण की समीक्षा की बात करके भाजपा और आरएसएस के विचारों को मजबूती दी जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि सामाजिक न्याय के मुद्दे पर उनकी पार्टी हमेशा मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी आरक्षण के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

जातीय गणना के आधार पर बढ़ाया गया आरक्षण

तेजस्वी यादव ने बताया कि महागठबंधन सरकार के दौरान बिहार में जातीय गणना कराई गई थी।

उन्होंने कहा कि जातीय गणना के आंकड़ों के आधार पर पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, दलित और आदिवासी समुदायों के लिए आरक्षण बढ़ाने का फैसला लिया गया।

उन्होंने बताया कि इन वर्गों का आरक्षण बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया गया था।

इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण जोड़ने के बाद कुल आरक्षण की सीमा 75 प्रतिशत तक पहुंच गई थी।

नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बढ़े हुए आरक्षण को संवैधानिक सुरक्षा देने के लिए इसे नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नौवीं अनुसूची में शामिल होने के बाद इस पर कानूनी चुनौतियों का असर कम होगा और आरक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सरकार पर साधा निशाना

नेता प्रतिपक्ष ने बिहार सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केवल बयान देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि केंद्र सरकार से इस मामले में ठोस कार्रवाई करानी होगी।

उन्होंने कहा कि बिहार के पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के हितों की रक्षा के लिए सभी दलों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए।

राजनीतिक बहस तेज

आरक्षण का मुद्दा बिहार की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद राज्य में सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।

RJD लगातार आरक्षण और जातीय गणना के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरती रही है, जबकि एनडीए की ओर से इस मामले में अलग-अलग समय पर अपने तर्क रखे गए हैं।

सामाजिक न्याय के मुद्दे पर जोर

तेजस्वी यादव ने कहा कि आरक्षण केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक न्याय से जुड़ा विषय है।

उन्होंने कहा कि पिछड़े और वंचित वर्गों को उनका अधिकार दिलाना उनकी पार्टी की प्राथमिकता है।

उन्होंने एनडीए नेताओं से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर बिहार के हित में केंद्र सरकार पर दबाव बनाएं।

आगे की रणनीति पर नजर

आरक्षण को लेकर बिहार में राजनीतिक गतिविधियां आने वाले दिनों में और तेज हो सकती हैं।

तेजस्वी यादव के बयान के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि एनडीए के सहयोगी दल इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और केंद्र सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।

फिलहाल 75 प्रतिशत आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग बिहार की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन गई है।

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