बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण जारी

Update: 2025-08-25 16:26 GMT

BIHAR बिहार : आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जारी है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, लेकिन चुनाव आयोग ने एसआईआर का आंकड़ा साझा करते हुए भरोसा दिलाया है कि प्रक्रिया पारदर्शी और व्यापक है। भारत निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची के अनुसार कुल 7.24 करोड़ मतदाताओं में से 99.11 प्रतिशत के दस्तावेज पहले ही प्राप्त हो चुके हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि मतदाता सूची का अद्यतन व्यापक और व्यवस्थित तरीके से हो रहा है।

चुनाव आयोग ने पिछले छह महीनों में सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के साथ बातचीत की। इस दौरान कुल 4,719 संरचित बैठकें आयोजित की गईं। इनमें मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) द्वारा 40, जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) द्वारा 800 और निर्वाचन क्षेत्र अधिकारी (ईआरओ) द्वारा 3,879 बैठकें शामिल थीं। इन बैठकों में लगभग 28,000 से अधिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मार्च 2025 में आयोजित मुख्य चुनाव अधिकारियों के सम्मेलन में इस प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार की थी। आयोग ने सभी छह मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दलों और 17 मान्यता प्राप्त राज्य राजनीतिक दलों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया। बैठकें पार्टी प्रमुखों को सीधे सुझाव देने का अवसर प्रदान करती हैं।

चुनाव आयोग ने बताया कि यह पहल राजनीतिक दलों के साथ पहले के संवाद से अलग है, जो केवल प्रतिनिधित्व पर आधारित था। अब सभी हितधारकों को कानूनी ढांचे के तहत शामिल किया जा रहा है ताकि चुनावी प्रक्रिया अधिक मजबूत, पारदर्शी और भरोसेमंद बने। एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची में अद्यतन करना, नए मतदाताओं को जोड़ना और सूची में त्रुटियों को सुधारना है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी राजनीतिक दलों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने और सुझाव देने का पर्याप्त अवसर दिया गया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से बिहार विधानसभा चुनाव में अधिकतम पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने जनता से अपील की है कि वे अपने मतदाता विवरण की जांच करें और किसी भी त्रुटि को तुरंत सुधारवाएं।

Tags:    

Similar News