Bihar: गया जी के मगध मेडिकल कॉलेज से जुड़े एक छात्र का नाम NEET 2026 री-एग्जाम फर्जीवाड़ा मामले में सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। लखीसराय में हुए बड़े सॉल्वर गैंग खुलासे के बाद गिरफ्तार चौथे वर्ष के छात्र अंकित राज पर कॉलेज प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है और उसके निष्कासन की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई है।
यह पूरा मामला रविवार को आयोजित नीट री-एग्जाम के दौरान सामने आया, जब लखीसराय के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी में फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ। जांच में करीब 30 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें फर्जी परीक्षार्थी, मेडिकल छात्र, बायोमैट्रिक एजेंसी से जुड़े कर्मी और बिचौलिए शामिल हैं।
मगध मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी ने बताया कि आरोपी छात्र लंबे समय से जांच एजेंसियों की निगरानी में था। उन्होंने कहा कि करीब 15 दिन पहले सीबीआई की टीम कॉलेज पहुंचकर छात्र से जुड़े दस्तावेज अपने साथ ले गई थी और उससे पूछताछ भी की गई थी। इससे पहले भी सीबीआई टीम द्वारा पूछताछ की जा चुकी थी।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने देर शाम छात्र के हॉस्टल कमरे की तलाशी ली, जहां से टैबलेट, आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्र अब गंभीर अनियमितताओं में शामिल पाया गया है, इसलिए उसे कोर्स जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इधर, लखीसराय में हुई कार्रवाई में कई परीक्षा केंद्रों से फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया। जांच में यह भी सामने आया कि बायोमैट्रिक सिस्टम में गड़बड़ी कर असली अभ्यर्थियों की जगह अन्य लोग परीक्षा दे रहे थे। कुछ मामलों में मोटी रकम के लेन-देन की भी आशंका जताई गई है।
प्रशासन के अनुसार पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और कई संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं। डीएम और एसपी के निर्देश पर जांच टीम सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस तरह के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।