Bihar: सीवान जिले के नौतन प्रखंड के वार्ड नंबर 10 में लाखों रुपये की लागत से बनी नल-जल योजना वर्षों बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। सरकार की ओर से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का दावा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके उलट है। भीषण गर्मी के बीच लोग अब भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
नल-जल योजना सिर्फ कागजों में
स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजना के तहत पानी टंकी का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन आज तक जलापूर्ति शुरू नहीं हुई। वर्षों से टंकी खड़ी है, लेकिन घरों तक एक बूंद पानी नहीं पहुंचा है।
प्रशासनिक क्षेत्र में भी हालत खराब
यह वार्ड प्रखंड मुख्यालय के अंतर्गत आता है, जहां प्रखंड और अंचल कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्र और बाजार जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं मौजूद हैं। इसके बावजूद यहां के लोग पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं।
गर्मी में बढ़ा संकट
गर्मी के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है। शुद्ध पानी नहीं मिलने के कारण कई परिवार दूषित जल स्रोतों पर निर्भर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं
ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन मिलता रहा है।
अधिकारियों का बयान
प्रखंड विकास पदाधिकारी अंजलि कुमारी ने कहा कि पीएचईडी विभाग को कई बार पत्र भेजा गया है। वहीं पीएचईडी के जूनियर इंजीनियर अखिलेश कुमार ने दावा किया है कि सोमवार से काम शुरू कराया जाएगा। अब ग्रामीणों की नजरें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या वर्षों से अटकी यह योजना वास्तव में शुरू हो पाएगी या फिर यह सिर्फ आश्वासन ही बनकर रह जाएगी।